दादरी से खुर्जा तक डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के पहले चरण का निर्माण एक अगस्त से शुरू हो जाएगा। 54 किमी लंबाई वाले कॉरीडोर पर वर्ल्ड बैंक 550 करोड़ रुपये खर्च करेगा। रेलवे ने डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के लिए दादरी से खुर्जा तक 200 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की थी।
अधिग्रहण के बाद भूमि पर कब्जा और मुआवजा वितरण का काम कमोबेश पूरा हो चुका है। रेलवे टेंडर भी जारी कर चुका है। एक अगस्त से कार्यदायी संस्था खुर्जा से दादरी के बीच निर्माण कार्य शुरू कर देगी। बता दें कि प्रोजेक्ट के तहत दादरी से खुर्जा तक सामान्य से अधिक भार क्षमता वाली दो रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
गौतमबुद्धनगर के गांव बोडाकी में बड़ा रेलवे प्लेटफार्म बनाया जाना प्रस्तावित है। खुर्जा जंक्शन के पास भी मालगाड़ियों के लिए रेलवे स्टेशन का निर्माण होना है। दादरी से खुर्जा के बीच 13 अंडरपास भी बनाए जाएंगे।
प्रोजेक्ट में अड़चन बने हैं 12 गांव
वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट में सिकंदराबाद व बुलंदशहर क्षेत्र के 12 गांवों के किसान वाजिब मुआवजे की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। वह यमुना एक्सप्रेस की तर्ज पर भू-अधिग्रहण का मुआवजा चाहते हैं। एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि प्रशासन किसानों को पेमेंट कर चुका है। उन्हें कोर्ट के निर्णय का इंतजार करना होगा।
एक अगस्त को कार्यदायी संस्था कारीडोर पर काम शुरू करेगी। टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। रेलवे ने अधिकांश जमीन पर कब्जा ले लिया है। दादरी से खुर्जा तक करीब 550 करोड़ प्रोजेक्ट पर खर्च होगा। - हरसिमरनजीत सिंह, असिस्टेंट प्रोजेक्ट मैनेजर