गंगागढ़ गांव में ठंड लगने से एक अधेड़ की मौत हो गई। गांव स्थित प्याऊ पर उनका अकड़ा हुआ शव मिला। ग्रामीणों ने बताया कि वह प्याऊ पर निस्वार्थ भाव से लोगों को पानी पिलाने का कार्य करते थे।
आसपास के लोग उन्हें पानी वाले बाबा के नाम से भी जानते थे। वहीं, ठंड से मौत की सूचना पर तहसीलदार ने मामले की जांच के लिए एक टीम मौके पर भेजी है।
जानकारी के मुताबिक, गंगागढ़ निवासी अमरनाथ (50) पुत्र रामवीर गांव स्थित प्याऊ पर सुबह से शाम तक राहगीरों और आस-पास के लोगों को पानी पिलाने का कार्य करते थे।
शनिवार शाम जब वह घर नहीं लौटे तो परिजनों को चिंता हुई। जब परिजन प्याऊ पर पहुंचे तो अमरनाथ मृत अवस्था में अकड़े हुए मिले। परिजन शव को लेकर घर आए।
परिजनों के मुताबिक ठंड लगने से उनकी मौत हुई है। अमरनाथ की मौत से गांव में शोक की लहर है। वहीं, तहसीलदार भान सिंह ने बताया कि अमरनाथ की मौत ठंड से हुई है कि नहीं इसकी जांच के लिए लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। उसकी रिपोर्ट तैयार कर जिला मुख्यालय पर भेजी जाएगी।
पहाड़ों में बर्फबारी से सुबह-शाम रहेगी ठंड
पहाड़ों में बर्फबारी की वजह से सुबह-शाम ठंड जारी रहेगी। वहीं, मौसम विशेषज्ञों का दावा है कि अब लगातार तापमान बढ़ेगा तथा धूप निकलने से ठंड कम होगी।
रविवार की सुबह ठंड ने अपना रंग दिखाया। धूप निकलने के बाद करीब 11 बजे ठंड से थोड़ी राहत मिली। मगर शाम ढलते ही फिर ठंड का अहसास होने लगा।
पूरे दिन आसमान में हल्के बादल छाए रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सोमवार को अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम 14 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. विवेकराज का कहना है कि पहाड़ों में बर्फबारी से ठंडी हवा चलेगी, जिससे सुबह-शाम ठिठुरन जारी रहेगी। तापमान में बढ़ोतरी होगी तथा आसमान में बादल छाए रहेंगे। मगर अभी बरसात की कोई संभावना नहीं है।
कोहरे और ट्रैक फैक्चर होने से कई ट्रेनें लेट
गाजियाबाद में कोटगांव फाटक पर ट्रैक फैक्चर होने और कोहरे के कारण रविवार को दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली तीन राजधानी समेत करीब एक दर्जन ट्रेनें लेट रहीं।
इससे यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बता दें कि शनिवार शाम कोटगांव फाटक पर ट्रैक फैक्चर होने से मालगाढ़ी के दो डिब्बे ट्रैक से उतर गए थे।
इसके चलते दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग बाधित हो गया। पीछे से रुकने के कारण राजधानी समेत गई गाड़ियां अपने गंतव्य पर लेट पहुंची। नई दिल्ली-पटना राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली-राजेन्द्र नगर राजधानी तीन घंटे लेट रही।
इसके अलावा कोहरे के चलते कोलकाता-आनंद विहार सात घंटे, मुरी, ऊंचाहार और कालका 3-3 घंटे, महानंदा और लिच्छवी 3.30 घंटे, ब्रह्मपुत्र ढाई घंटे, संगम, गोमती और फरक्का एक्सप्रेस दो घंटे लेट रही।
टीआई पीके गुप्ता ने बताया कि सभी गाड़ियां पीछे ही रोक ली गई थीं। जिससे वह अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंची। वहीं, ट्रेनों के लेट होने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।