शान से बेटी की डोली विदा करने के अरमान संजोय पिता बैंक के बाहर खड़ा बार-बार यह ही कह रहा था, कि चार हजार रुपये में वह अपनी लाड़ली को कैसे विदा कर पाएगा। बैंक अधिकारियों से मदद की गुहार लगाने के लिए बेबस बाप बेटी की शादी के कार्ड के साथ बैंक पहुंचा।
नगर के मोहल्ला सराय झांझन निवासी मामचंद पुत्र ऐदल ने बताया कि उसकी बेटी लक्ष्मी की शादी मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी मोहन पुत्र अशोक के साथ तय हुई थी। 11 नवंबर को बारात आनी थी। अचानक से 500-1000 के करेंसी नोट बंद होने की घोषणा के साथ उनकी बेटी की शादी की तैयारियां अधर में लटक गई।
बृहस्पतिवार को बेटी के शादी के कार्ड के साथ बैंक पहुंचा मामचंद बार-बार यह ही कह रहा था कि चार हजार रुपये में वह कैसे अपनी लाड़ली को डोली में बैठाकर विदा कर पाएगा। मामचंद के काफी प्रयासों के बाद भी उसे बैंक अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिल पाई। पीएनबी के बैंक मैनेजर अनिल यादव के अनुसार गाइड लाइन के अनुसार एक दिन में चार हजार से अधिक के नोट नहीं दिए जा सकते।