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खंडहर बन गया अस्पताल, अनाज सुखा रहे ग्रामीण

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खंडहर बन गया अस्पताल, अनाज सुखा रहे ग्रामीण
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खानपुर। ग्रामीणों को घर के करीब प्राथमिक उपचार देने के लिए करीब पांच साल पहले बनाए गए प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र देखरेख के अभाव में बदहाल हो गए हैं। खानपुर के अमरपुर गांव में करीब 16 लाख की लागत से बनाया गया स्वास्थ्य केंद्र खंडहर बन चुका है। यहां गांव के कुछ लोगों ने केंद्र को अनाज गोदाम बना रखा है। ग्रामीण यहां अनाज सुखाते हैं और एकत्र करते हैं।
शासन जहां स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने पर जोर दे रहा है वहीं स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन की उपेक्षा के चलते अमरपुर का स्वास्थ्य उपकेंद्र पर उपचार की जगह अनाज का गोदाम गया है। यहां इन दिनों परिसर मक्का के दानों से भरा हुआ है।
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सपा सरकार में बनाया गया था अस्पताल
सपा शासन काल में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए वर्ष 2015-16 में करीब 16 लाख रुपये की लागत से अमरपुर गांव में प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था। प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण शुरू होने से 10 हजार की आबादी वाले गांव के ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
नहीं हुई चिकित्सक की तैनाती
उपकेंद्र के निर्माण होने के बाद से अब तक केंद्र पर किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। बल्कि एक स्टाफ नर्स की नियुक्ति कर विभाग ने आंखें मूंद ली। उपकेंद्र पर नियुक्ति मिलने के बाद स्टाफ नर्स सप्ताह में एक-दो दिन आकर चली जाती है। जर्जर हो रहे उपकेंद्र का फायदा गांव के कुछ दबंग लोगों ने उठाना शुरू कर दिया है। पिछले कई दिनों से परिसर में मक्का सुखाई जा रही है। इसके बावजूद आज तक कोई भी स्वास्थ्य कर्मी या अफसर देखने के लिए नहीं आया। अगर यही हाल रहे तो केंद्र पर कब्जा करने में दंबगों को देर नहीं लगेगी।
बोले चिकित्सा प्रभारी
ऊंचागांव सीएचसी प्रभारी डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि उपकेंद्र पर छह माह पूर्व प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति की गई। कोरोना संक्रमण के चलते उक्त कर्मी की सीएचसी पर ड्यूटी लगा दी गई।
कई वर्षों से नहीं हुई रंगाई-पुताई
उपकेंद्र के रखरखाव और रंगाई-पुताई के लिए शासन स्तर से प्रतिवर्ष बजट आता है। लेकिन उपकेंद्र बदहाल पड़ा है। दीवारों से जहां प्लास्टर झड़ने लगा है तो गेट भी गलने लगे हैं। इतना ही नहीं उपकेंद्र पर आजतक बिजली का कनेक्शन भी नहीं लिया गया है। वहीं, किसी भी स्वास्थ्य कर्मी के न आने पर लोगों को लंबी दूरी कर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेना पड़ रहा है।
इलाज के लिए कई किलोमीटर जाना पड़ता है दूर
करीब दस हजार की आबादी के इलाज के लिए यह उपकेंद्र बनाया गया था। डॉक्टर न दवाई के चलते यह खंडहर नाम का स्वास्थ्य केंद्र रह गया है। यहां के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। इसका फायदा निजी डॉक्टर ले रहे हैं।
मामले की जांच कराई जाएगी। उपकेंद्र को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रयोग किया जाएगा। अगर किसी ने मक्का सुखाने के लिए रखी है तो उसे तत्काल हटवाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उपकेंद्र की रंगाई-पुताई भी कराई जाएगी। इसके अलावा केंद्र पर अन्य जो भी कार्य होंगे वह करवा दिए जाएंगे। केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी के न आने की जांच कराकर दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
स्वास्थ्य केंद्र पर सूख रही मक्का को हटवाया जा रहा है। उपकेंद्र में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण का शिविर लगाया गया।
- गोविंद सैनी, ग्राम प्रधान अमरपुर
स्वास्थ्य कर्मी बैठे तो होगी राहत
उप स्वास्थ्य केंद्र पर तैनाती मिलने के बाद भी कोई भी स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं रहता। अगर स्वास्थ्य कर्मी केंद्र पर बैठने लगे तो लोगों को राहत मिल सके। - हनी शर्मा
उपकेंद्र का नहीं मिला लाभ
जब केंद्र का निर्माण शुरू हुआ तो उम्मीद थी कि गांव के लोगों को अब टीका आदि लगवाने के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन निर्माण होने के बावजूद अधिकांश लोगों को लाभ नहीं मिला। - ललित शर्मा
स्वास्थ्य उपकेंद्र पर स्वास्थ्य कर्मियों को तैनाती दे दी जाए तो ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। प्राथमिक उपचार के लिए सीएसची नहीं जाना पड़ेगा। - अनुज शर्मा
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उपकेंद्र शुरू होने से चार गांव के लोगों को मिलेगा लाभ
खानपुर क्षेत्र के अमरपुर गांव में बने उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण चार गांवों के लोगों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से कराया गया। अमरपुर के साथ जरिया, कमालपुर और तीमरपुर ग्रामीण अब भी उप स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
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