गंगा और काली के पास बसे 200 गांवों की फसल बर्बाद
बुलंदशहर। आंधी, बारिश के साथ गंगा और काली नदी के ओवरफ्लो होने के कारण 200 से अधिक गांवों में दस हजार बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो गई। किसानों के मुताबिक कुल नुकसान लगभग आठ करोड़ का है। जिला प्रशासन के सर्वे में किसानों के पूरे नुकसान की भरपाई नहीं की जा रही है। किसानों को फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही है।
जिले में चार लाख से अधिक किसान 3.75 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती करते हैं। धान, गन्ना के अलावा आलू, गोभी, टमाटर, बैंगन, मूली समेत अन्य प्रकार की सब्जियां उगाई जाती हैं। अक्तूबर चार से पांच दिनों तक भारी बारिश होने के कारण बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद हुई है। किसानों की मांग और सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने बर्बाद फसल का सर्वे शुरू किया है। किसानों का आरोप है कि बर्बाद पूरी फसल का सर्वे करने के बजाय सर्वे के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। किसानों के अनुसार बारिश के कारण जिले में कुल 90 हजार हेक्टेयर में से 25 हजार हेक्टेयर धान, मक्का, बाजरा, दलहन, सब्जी, समेत अन्य फसलें बर्बाद हुई हैं। काली नदी और गंगा किनारे के 30 हजार हेक्टेयर खेतों में पानी भरने के कारण फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। काली नदी के आसपास के खेतों में गंदा पानी भरा है। गंगा के आसपास के खेतों में अधिक रेत और नमी के कारण फसल गलकर गिर चुकी है। किसानों के सामने धान को काटने, बेचने और पशुओं के लिए चारे का संकट हो गया है।
सर्वे में खानापूर्ति कर रहा प्रशासन
भाकियू संपूर्ण भारत के प्रदेश अध्यक्ष पवन तेवतिया का कहना है कि बेमौसम हुई बारिश के कारण फसल बर्बाद होने से किसान कर्ज में डूब रहा है। किसानों की बर्बाद फसल का पूरा सर्वे नहीं किया जा रहा है। इस खानापूर्ति वाले सर्वे से किसानों को मुआवजा मिलने के बाद भी खर्च नहीं निकलेगा। भाकियू भानू के प्रदेश महामंत्री कुलदीप गुड्डू का कहना है कि ठीक प्रकार से सर्वे कराकर जल्द बर्बाद फसल का पूरा मुआवजा दिया जाना चाहिए। किसानों पर कर्ज जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाया जाए, क्योंकि फसल बर्बादी से किसान पहले ही परेशान हैं।
बोले किसान -
पहले बारिश ने धान की फसल को बर्बाद कर दिया। उसके बाद काली नदी के पानी ने रही सही कसर पूरी कर दी। धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। - नवलकिशोर, किसान गांव अच्छेेजा घाट
गांव में बारिश से धान व अन्य फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसानों को शासन प्रशासन कितना मुआवजा देता है, यह देखना है। बाकी इस बार किसान बर्बाद हो गया है। - मोनू ठाकुर, गांव बैलोट
बर्बाद फसल का सर्वे किया जा रहा है। करीब 50-60 फीसदी फसल बर्बादी की संभावना है। सर्वे के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी। जल्द सर्वे पूरा करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं। काली नदी की सफाई और आसपास के खेतों में पानी न भरे, इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। - विवेक मिश्र, एडीएम वित्त