फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर 180 दिनों से धरने दे रहे किसानों ने रविवार को कहा कि बिना मुआवजे के वह काम शुरू नहीं होने देंगे। अगर कुछ ऐसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मैना मौजपुर गांव में धरने पर बैठे किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। किसानों ने कहा कि शासन और प्रशासन इतने दिनों से आश्वासन पर आश्वासन दे रहा है। रेल मंत्री कार्यालय से लेकर फ्रेट कॉरीडोर के अधिकारी सभी ने समस्या को दूर कराने का दिलासा दिया। लेकिन 180 दिन बाद भी समाधान नहीं निकल पाया।
किसान नेता सुग्रीव सोलंकी ने कहा कि धरने पर बैठे लोग आचार संहिता समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद आंदोलन की दूसरी रणनीति तय की जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। किसानों ने कहा कि अब वह किसी भी झांसे में नहीं आएंगे। किसी भी हाल में मुआवजा लेकर रहेंगे।
जब तक मुआवजा नहीं मिलता काम शुरू नहीं होने देंगे। धरने पर अजय चौधरी, , इंद्रमणि शर्मा, शमसाद खां, लाला प्रधान, महीपाल सिंह, निहाल चौधरी आदि रहे।