रविवार सुबह इंसानियत को शर्मसार करने वाला वाकया सामने आया। बाइक सवार दंपत्ति और बच्चे सड़क हादसे का शिकार हो गए। महिला के बेहोश होने के बाद पति रोते बच्चों को संभालता हुआ घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए गुहार लगाता रहा। करीब आधा घंटे तक लोग मदद करने के बजाय तमाशबीन बने रहे।
वहां से गुजर रहे सीओ ने अपनी गाड़ी से सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया। रविवार सुबह करीब 7.30 बजे दिल्ली निवासी सियाराम शर्मा पत्नी रमादा व दो बच्चों यश - लक्ष्य के साथ बाइक से बदायूं जा रहे थे। मेरठ-बदायूं स्टेट हाइवे पर शिकारपुर बाईपास के निकट रमादा की साड़ी अचानक बाइक के पहिए में फंस गई।
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जिसके चलते बाइक सड़क पर गिर पड़ी। चोट लगने से रमादा, यश व लक्ष्य तीनों घायल हो गए। जबकि सियाराम को मामूली चोट आईं। रमादा के बेहोश होने पर सियाराम घायल रोते बच्चों को संभालते हुए सड़क पर गुजरते राहगीरों से मदद की गुहार करते रहे।
संवेदनहीन किसी भी राहगीर ने न तो कंट्रोलरूम को फोन किया और न ही घायलों को अस्पताल पहुंचाने की हिम्मत जुटाई। करीब आधा घंटे बाद सीओ विजय प्रकाश ने उन्हें अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। सीओ ने बताया कि दुघर्टना में घायल हुए व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना प्रथम फर्ज है, ताकि समय से इलाज मिलने पर उसकी जान बच सके।