थाना क्षेत्र के इस्माइला गांव निवासी कांग्रेसी नेता शांतिस्वरूप हत्याकांड के मुख्य गवाह पर सुलह करने से इंकार करने पर फायरिंग कर हत्या की कोशिश की। हालांकि पीड़ित ने भी अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर कर बदमाशों को खदेड़ दिया। पुलिस ने पीछा कर तीन बदमाशों को दबोच लिया है। जबकि चौथा बदमाश मौके से भाग निकला। पुलिस बदमाशों से पूछताछ में जुटी हुई है।
बता दें कि गत 29 अक्टूबर को गांव इस्माइला निवासी कांग्रेसी नेता शांति स्वरूप शर्मा की नगर कोतवाली के सुशीला विहार में दीपावली की रात प्रधानी चुनाव के रंजिश में हिस्ट्रीशीटर अमित ठाकुर ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद से अमित फरार चल रहा है। तीन दिन पहले ही औरंगाबाद पुलिस ने हत्यारोपी के मकान की कुर्की की थी।
बताया जा रहा कि सोमवार दोपहर हत्याकांड के मुख्य गवाह शुभम शर्मा और राजकुमार शर्मा पुलिस अभिरक्षा में बैठकर बातचीत कर रहे थे। अमित के चचेरे भाई शांति स्वरूप शर्मा के मकान के पास पहुंचे और वहां गवाहों पर तमंचे से फायरिंग कर दी। हालांकि दोनों गवाह बाल-बाल बच गए। बाद में गवाह शुभम ने भी अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से फायर कर बदमाशों को खदेड़ दिया।
सूचना मिलते ही अंडर ट्रेनिंग सीओ आलोक कुमार इंस्पेक्टर औरंगाबाद अरविंद कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीछा कर तीन बदमाशों को गांव के बाहर से दबोच लिया। सूचना पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजनों की सुरक्षा बढ़ाने का भरोसा दिलाया।