नगर कोतवाली पुलिस ने क्राइम कंट्रोल के नाम पर एफआईआर दर्ज करना ही बंद कर दिया है। मायके में रह रही विधवा की तीन माह पहले उसके बच्चों के अपहरण की कोशिश की गई। विरोध करने पर मारपीट की गई। महिला ने ससुराल पक्ष के लोगों पर अपहरण और पति की संपत्ति कब्जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
अब पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच की बात कह रही है। नगर कोतवाली क्षेत्र के विशाल नगर डाकखाने वाली गली निवासी लक्ष्मी ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह हापुड़ जिला के थाना बहादुरगढ़ भदस्याना निवासी दीपक वर्मा पुत्र नरेश वर्मा के साथ 21 नवंबर 2009 में हुआ था। लक्ष्मी को दो बच्चे हैं।
छह अप्रैल को पति दीपक वर्मा का शेखपुर कोतवाली स्याना क्षेत्र में हादसे में मौत हो गई थी। 17 अप्रैल से वह अपने पिता तेजपाल वर्मा पुत्र होतीलाल वर्मा के यहां रह रही है। 18 अगस्त की दोपहर एक बजे लक्ष्मी अपने घर पर बैठी थी। तभी उसके ससुर नरेश वर्मा, ननद बबली, देवर नीशू वर्मा व साथ में सोनू, दीपक, दिनेश, श्याम सुरेश निवासी बहादुरगढ़ घर में घुस आए।
आरोपियों ने घर से पुत्र इशांत वर्मा और पुत्री दिशा को अगवा कर गाड़ी में ले जाने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने लात-घूंसों से मारपीट की। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से गला दबाया।