हाईवे-91 पर मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में एक अगस्त को जेल गया आरोपी शाबेज 117 दिन बाद जेल से जमानत पर रिहा हो गया। न्यायालय से रिहाई का परवाना जेल पहुंचने के बाद उसे छोड़ दिया गया। शाबेज के जमानतियों की पुलिस वेरीफिकेशन न होने के चलते उसकी रिहाई नहीं हुई थी।
उसके दो साथियों को हाल ही में जमानत पर जेल से रिहा किया गया है। वहीं, नौ अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है। जिस पर 21 नवंबर को सुनवाई होगी। 29 जुलाई 2016 की रात हाईवे-91 पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी।
पुलिस ने एक अगस्त 2016 को आरोपी रईस, जबर सिंह और शाबेज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद नौ अगस्त को पुलिस ने कन्नौज निवासी सलीम, परवेज और साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वारदात के कुछ दिन बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
15 दिन पहले एक अगस्त को जेल गए तीनों आरोपियों रईस, जबर सिंह और शाबेज की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने जमानत याचिका दाखिल की थी। इसी दिन सीबीआई ने नौ अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों सलीम, परवेज और साजिद के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
करीब 12 दिन पहले कोर्ट ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए दो-दो लाख के दो-दो जमानती दाखिल करने पर जमानत दिए जाने का आदेश दिया था। तब से तीनों आरोपियों के जमानतियों की तस्दीक प्रक्रिया चल रही थी। कुछ दिन पहले ही न्यायालय से परवाना जारी होने के बाद जबर सिंह और रईस को जेल से रिहा कर दिया गया।
वहीं, तीसरे आरोपी शाबेज के जमानतियों की पुलिस वेरीफिकेशन के चलते रिहाई नहीं हो पा रही थी। शाबेज के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने बताया कि पुलिस वेरीफिकेशन पूरी होने के बाद न्यायालय ने शाबेज की रिहाई का परवाना जारी कर दिया। जिसके बाद उसे जेल से रिहा कर दिया।