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आए दिन रिंकू को करते थे अपमानित

Thu, 17 Mar 2016 10:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
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विलाप करते मृतक के परिजन। - फोटो : amar ujala
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मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार को पेट भरने वाला रिंकू सूदखोरी के मकड़जाल में बुरी तरह फंस गया था। परिवार की मजबूरी के चलते ऊंची ब्याज पर उधार रुपये लेकर परिवार का पेट भर रहा था। मगर मजदूरी कम होने की वजह से ब्याज भी नहीं चुका पा रहा था।
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रुपये न मिलने पर सूदखोर आए दिन मारपीट करता था। रिंकू रोजाना इज्जत के तार-तार होते हुए खुद देखता था, लेकिन इसे रोक पाने में असफल था। रिंकू के साले सुरेश ने बताया कि करीब सात साल पहले उन्होंने अपनी छोटी बहन रेखा की शादी रिंकू से की थी।

रिंकू पर 50 गज से भी कम का खुद का मकान है। रिंकू अनाज मंडी में मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट भरता था। शादी से पहले ही रिंकू के माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। रिंकू के न तो कोई भाई था और न ही कोई बहन। शादी के करीब चार साल बाद रेखा ने बेटे सागर (3) को जन्म दिया।
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रिंकू का छोटा परिवार जरूर था, लेकिन कर्ज में डूबे होने के चलते कभी खुश दिखाई नहीं देता था। रिंकू की पत्नी रेखा ने पुलिस को बताया कि उसका पति पूरे घर का पेट भरता था। उसकी मौत के बाद अब उसके परिवार का भरण-पोषण कौन करेगा। सूद और असल चुकाने के लिए वह ज्याद मेहनत करता था। लेकिन कर्ज उतर नहीं पा रहा था।

मरने से पहले दे गया बयान
रेखा ने बताया कि गंभीर रूप से झुलसे रिंकू को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची। आरोपी धर्मवीर उफ धर्म पुत्र नानक भी जिला अस्पताल पहुंच गया। रिंकू ने पुलिस और पब्लिक के सामने कहा कि धर्म तूने ही मुझे मारा है। इतना कहकर रिंकू बेहोश हो गया। पत्नी का कहना है कि रिंकू ने बयान में धर्मवीर को ही दोषी ठहराया है।

आरोपी के खिलाफ चौकी पर डटे रहे ग्रामीण
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद ग्रामीण आरोपी को सजा दिलाने के लिए नई मंडी चौकी पर डटे रहे। ग्रामीणों का कहना था कि तहरीर मिलने के बाद भी पुलिस एफआईआर दर्ज करने में देर लगा रही है। ग्रामीण चौकी से तब हटे जब पुलिसकर्मियों ने मुकदमा अपराध संख्या और दर्ज एफआईआर की धाराएं नहीं बता दीं।

आरोपी की पत्नी ने भी लगाया फंसाने का आरोप
धर्मवीर की पत्नी कमलेश ने बताया कि गांव में कई अन्य लोग ब्याज पर रुपया देते हैं। जबकि उसके पति छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। उसने कहा कि रिंकू पर कोई और व्यक्ति दबाव बनाकर रुपये निकलवा रहा था।

फल-फूल रहा है सूदखोरी का धंधा
जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में 300 से अधिक सूदखोरों पर लाइसेंस हैं। लेकिन जनपद में हजारों की संख्या में अवैध रूप से लोग सूदखोरी का काम कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के पास आए दिन सूदखोरों की शिकायत आती रहती है।

ये सूदखोर गरीब की मजबूरी का फायदा उठाकर ऊंची ब्याज दरों पर रुपया उधार देते हैं। जिला प्रशासन भी अवैध रूप से सूदखोरी का काम करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।

हीरापुर गांव में रिंकू की जलकर मौत हो गई। रिंकू  की पत्नी रेखा ने धर्मवीर के खिलाफ रुपये नहीं देने पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - पीयूष श्रीवास्तव, एसएसपी
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