जच्चा-बच्चा की मौत पर गुस्साए परिजनों ने शवों को अस्पताल के गेट पर रख हंगामा कर पथराव किया। पुलिस ने लाठी फटकार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़िता के पति ने आरोपी चिकित्सक दंपति समेत चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई कर अस्पताल को सील कर दिया है।
पट्टी राजाराम निवासी जीतू सोमवार शाम पत्नी सत्तो को प्रसव पीड़ा होने पर चांदपुर चुंगी रोड स्थित शारदा हॉस्पिटल में लेकर पहुंचे। जीतू का कहना है कि हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने उनकी पत्नी का ऑपरेशन कर प्रसव कराया। बच्चे की हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे बुलंदशहर रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई।
इधर, सत्तो की भी हालत बिगड़ने लगी तो उसे हापुड़ ले जाया जाने लगा लेकिन रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। परिजन देर रात शव को स्याना लाए व अस्पताल के गेट पर रखकर हंगामा करने लगे। मंगलवापर नर्सिंग होम पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई।
एसडीएम जगतपाल सिंह, सीओ चितरंजन चौहान और कोतवाल दिनेश वशिष्ट ने गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस ने लाठी फटकारकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जीतू की तहरीर पर पुलिस ने डॉ. कुलदीप, उनकी पत्नी, डॉ. रवि और ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। एसीएमओ डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि अस्पताल की ओटी, मेडिकल स्टोर, ओपीडी रूम सहित इमरजेंसी वार्ड को सील कर दिया गया है।
इस संबंध में जब हॉस्पिटल के चिकित्सकों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ बोलने से इंकार कर दिया। डॉक्टर का मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला।