दुर्व्यवहार के लिए बदनाम पुलिस आम आदमी से किस तरह व्यवहार करती है, इसका अंदाजा फौजी से फोन पर की बदसलूकी से ही लग जाता है। फोन पर चोरी की सूचना देने वाले फौजी पर एसओ पहासू का गुस्सा फूट पड़ा। एसओ ने फौजी से यह कहते हुए फोन काट दिया कि चोरी हुई है तेरा मर्डर तो नहीं हुआ।
फौजी और एसओ के बीच हुए वार्तालाप का यह ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। अपनी ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए फौजी दर-दर की ठोकरें खा रहा है। पहासू थाना क्षेत्र के गांव अटेरना निवासी वीरेंद्र सिंह राघव पुत्र चंद्रपाल सिंह ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह बीएसएफ में कांस्टेबल है।
30 जुलाई 2014 को गांव के एक व्यक्ति से जमीन खरीदी थी। जिसके बाद उसने नींव भरवाकर बाउंड्री कराई थी। इसके बाद आठ मई 2016 को कुछ लोगों ने प्लॉट पर कब्जा कर बाउंड्री तोड़कर ईंटों को भी चोरी कर लिया। आरोप है कि जब यह सूचना एसओ पहासू को फोन पर दी तो एसओ का गुस्सा फूट पड़ा।
अभद्रता करते हुए कहा कि ईंट चोरी हुई है तेरा मर्डर तो नहीं हुआ। कई बार चोरी की थाने पर तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 22 दिसंबर 2016 को एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज हुई। चोरी के मामले में जब जांच कर रहे करौरा चौकी इंचार्ज को फोन किया तो चौकी इंचार्ज ने कार्रवाई न करने की बात कही और उल्टा उसे ही जेल भेजने की धमकी दी।
सीओ शिकारपुर ने भी फौजी की एक न सुनी। पुलिस द्वारा फौजी से किए गए व्यवहार से फौजी का परिवार परेशान है। एसएसपी सोनिया सिंह ने पीड़ित को जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।