पत्नी को दवा दिलाकर गुलावठी से घर लौट रहे नोएडा की होंडा कंपनी के कर्मचारी की संदिग्ध हालात में तीन बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसके पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर उसकी पत्नी से पूछताछ शुरू कर दी है।
गांव पिपाला निवासी ब्रहम सिंह का 27 वर्षीय पुत्र संजय नोएडा स्थित होंडा कंपनी में नौकरी करता था। रविवार को वह अपनी पत्नी गीता को दवा दिलाने के लिये बाइक से गुलावठी गया हुआ था। वहां से लौटते समय निमचाना रजवाहे पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने हथियारों के बल पर उसे रोका।
डर के मारे पत्नी खेतों में भागी और वहां काम करने वाले किसानों को बुलाने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीणों को अपनी ओर आते देख बदमाश संजय के पेट में गोली मारकर भाग गए। किसानों ने 100 नंबर पर फोन कर मामले की सूचना दी। सूचना मिलते ही एसओ अगौता पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और लहूलुहान संजय को जिला अस्पताल ले गए।
वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर सीओ स्याना चितरंजन स्वरूप मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। एसओ अगौता अवनीश कुमार ने बताया कि मृतक के पिता ब्रहम सिंह की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात तीन बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
न लूटपाट, न रंजिश, फिर संजय की हत्या क्यों अगौता क्षेत्र में बाइक सवार संजय की हत्या के मामले में लूटपाट और रंजिश जैसी कोई वारदात सामने नहीं आ रही है। अब सवाल है कि संजय की हत्या फिर क्यों की गई। पुलिस भी दबी जुबान से पत्नी को लेकर हत्या किये जाने की बात कह रही है।
एसओ अगौता अवनीश कुमार के अनुसार बाइक सवार दंपति से बदमाशों ने कोई लूटपाट नहीं की है। मृतक की पत्नी गीता के पास सोने की चेन, मोबाइल, कुंडल, अंगूठी और मृतक संजय की जेब से मोबाइल और कुछ पैसे मिले हैं। ऐसे में बदमाशों ने उनसे लूट नहीं की है।
परिजनों का दावा है कि वह बहुत ही व्यवहार कुशल युवक था। जिसका गांव में आज तक किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने सीओ स्याना चितरंजन स्वरूप को बताया कि संजय और बदमाशों के बीच करीब पांच मिनट तक छीना-झपटी हुई थी। छीना-झपटी के बाद ही बदमाशों ने संजय के पेट में गोली मारी थी।
एसओ अगौता अवनीश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृतक की पत्नी के अवैध सबंध निकलकर सामने आ रहे हैं। उसकी पत्नी गीता की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है।
मारी जा सकती
थी पत्नी भी पत्नी गीता ने पुलिस को बताया कि वह बदमाशों को देखते ही बाइक से कूद कर खेतों पर काम कर रहे ग्रामीणों के पास पहुंची, जब तक ग्रामीणों को साथ लेकर वह मौके पर पहुंची तो बदमाश उसको गोली मारकर भाग चुके थे जबकि पत्नी को बदमाशों ने छुआ तक नहीं था।
बदमाशों का इरादा यदि लूटपाट का होता तो वह पत्नी को भागने तक नहीं देते और उसकी भी हत्या कर देते। पूरे प्रकरण में पत्नी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।