फ्रेट कॉरीडोर के लिए अधिग्रहीत भूमि के उचित मुआवजे के लिए रेल रोको आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए रविवार को अलग-अलग 18 गांवों में पंचायत होगी। यह निर्णय मैनामौजपुर गांव में चल रहे धरने के 32वें दिन किसानों ने लिया। किसानों ने कहा कि जल्द ही तारीख निश्चित कर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
किसानों ने कहा कि धरने पर बैठे हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है लेकिन शासन-प्रशासन ने हमारी एक भी नहीं सुनी। ऐसे में जब तक रेल का चक्का जाम नहीं करेंगे, शासन प्रशासन के कान में जूं भी नहीं रेगेगी। सुग्रीव सोलंकी, बब्बन चौधरी, अजय चौधरी आदि ने बताया कि रविवार को 18 गांवों में अलग-अलग पंचायत की जाएगी।
पंचायत में रेल चक्का जाम करने के लिए तिथि तय की जाएगी और दमदार तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना स्थल पर अपने हक के लिए आर पार की लड़ाई के लिए तैयार होने का अह्वान किया गया। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने का संचालन महेन्द्र चौधरी ने किया। लाला प्रधान, पूरन सिंह, बालक राम, सोहन सिंह, निहाल चौधरी, उदयवीर सोलंकी आदि रहे।
औरंगाबाद में अनशन पर बैठे तीन किसानों की हालत बिगड़ी
औरंगाबाद (ब्यूरो)। क्षेत्र के गांव महेशपुर में तीन दिन से सड़क बनवाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे तीन किसानों की हालत शनिवार दोपहर बिगड़ गई। स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर किसानों को ड्रिप लगाई और उपचार शुरू किया।
चिकित्सकों द्वारा किसानों को जिला अस्पताल रेफर करने पर अनशनकारी भड़क गए और चिकित्सकों को जमकर खरीखोटी सुनाई। लखावटी से सैदपुर तक मार्ग की हालत कई वर्षों से जर्जर पड़ी हुई है। मार्ग को बनवाने की मांग को लेकर भाकियू के नेतृत्व में किसान पिछले तीन दिन से अनशन पर बैठे हैं।
शनिवार दोपहर करीब तीन बजे अनशन पर बैठे गांव महेशपुर निवासी तीन किसान टुक्की गिरि, डालचंद गिरि और भीमसैन गिरि की हालत बिगड़ गई। गुडडू प्रधान ने सीएमओ को फोन कर मामले की जानकारी दी।
सूचना पर लखावटी सीएचसी प्रभारी डाक्टर अमिताभ सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों का उपचार किया। तीनों किसानों की हालत देखकर चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर करने की बात कही। इस पर किसानों ने अनशन स्थल पर ही उपचार करने की बात कही।