पीएनबी की मोहरसा शाखा में कहासुनी के बीच आपा खो बैठे एक पुलिसकर्मी ने ग्राहक पर गर्म चाय फेंक दी। इस पर उग्र हुए लोगा ने उसकी पिटाई कर डाली। इस पर पुलिसकर्मी ने हवाई फायर किया तो भगदड़ मच गई। हालांकि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है लेकिन इसका वीडियो वायरल होने पर एसएसपी ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया ।
अहार क्षेत्र के गांव मोहरसा में पीएनबी की शाखा के बाहर तड़के चार बजे से रुपये निकालने के लिए लोगा की कतार लगी थी। सुबह करीब 10 बजे ब्रांच खुली। बैंक में सुरक्षा के मद्देनजर सिपाही जसवीर सिंह और होमगार्ड मलखान डयूटी पर थे। बैंक की कतार में महारानी अवंतिका बाई लोधी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष कपिल लोधी भी खड़े थे।
कपिल का 12वां नंबर था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कपिल ने पुलिसकर्मी से विड्रॉल फार्म मांगा। पुलिसकर्मी ने नंबर पर लगने की बात कहते हुए विड्राल फार्म नहीं दिया तो दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने कपिल पर गर्म चाय फेंक दी। इसके बाद पुलिसकर्मी और कपिल में हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने कपिल की पिटाई कर डाली।
कपिल घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इस पर कपिल के परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिसकर्मी से इस बाबत पूछताछ की। पुलिसकर्मी ने उनकी भी नहीं सुनी और बदसलूकी शुरू कर दी। इससे नाराज लोग उग्र हो गए और हंगामा करने लगे। आरोप है कि महिलाओं ने पुलिसकर्मी जसवीर सिंह को चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया। इसके चलते पुलिसकर्मी ने हवा में फायर कर दिया।
फायरिंग के बाद वहां पर भगदड़ मच गई। भगदड़ में कई लोग गिर गए, लेकिन चोट किसी को नहीं लगी। वहीं, घटना की जानकारी होने पर एसएसपी सोनिया सिंह ने सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। सूचना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों का गुस्सा किसी तरह शांत कराया।
घटना स्थल पर मारपीट का कई लोगों ने अपने फोन से वीडियो बना लिया। मारपीट और फायरिंग का वीडियो हाथोंहाथ वायरल हो गया है। इससे मामला और सनसनीखेज हो गया है।
कैश खत्म होने पर हंगामा, पुलिस से नोकझोंक
इलाहाबाद बैंक में शनिवार को कैश खत्म होने पर उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया। इस दौरान पुलिस को भी उपभोक्ताओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। इलाहाबाद बैंक में शनिवार को कैश आते ही उपभोक्ताओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। शनिवार को बाद रविवार की छुट्टी के चलते उपभोक्ता शनिवार को कैश लेना चाह रहे थे।
प्रत्येक उपभोक्ता को चार हजार का कैश देना शुरू कर दिया गया। कुछ ही देर में कैश खत्म हो गया। कैश के खत्म होते ही उपभोक्ताओं ने बैंक के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। उपभोक्ता नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उपभोक्ताओं के गुस्से को गंभीरता से लेते हुए उन्हें शांत कराने का प्रयास किया लेकिन उपभोक्ता शांत नहीं हुए।
उपभोक्ताआें की पुलिस से भी जमकर नोकझोंक हुई। पुलिस ने उपभोक्ताओं को घंटों बाद जैसे-तैसे कर शांत कराया। इस मामले में शाखा प्रबंधक राजवीर सिंह ने बयाया कि करेंसी चेस्ट से 10 लाख रुपये मिले थे। प्रत्येक उपभोक्ता को दो हजार देने का विचार था लेकिन उपभोक्ता चार हजार से कम पर राजी नहीं थे। कैश के सापेक्ष उपभोक्ता अधिक थे जिससे काफी उपभोक्ताओं को कैश नहीं दिया जा सका।
मामला संज्ञान में है। आरोपी सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया है। इसकी जांच कराई जाएगी।
सोनिया सिंह, एसएसपी