अमेरिका में फंसे भारतीय परमाणु वैज्ञानिक टीके भारद्वाज के मकान में चोरी कर कंप्यूटर को हैक करने का प्रयास किया गया था। यह दावा परमाणु वैज्ञानिक के माता पिता का है। परिजनों का कहना है कि मकान में हुई चोरी, कोर्ट में हुई सुनवाई आदि की वीडियो क्लिप अमेरिकी प्रशासन से प्राप्त कर अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास को मेल भेजा है।
माता पिता का दावा है एक विशेष प्रोजेक्ट पर काम कर रहे परमाणु वैज्ञानिक बेटे को उसके सहयोगियों ने ही षड़यंत्र रचकर फंसाया है। शिकारपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक रामकिशन शर्मा का पुत्र डॉ. टीके भारद्वाज 2010 से अमेरिका के टैक्सास स्थित ए एंड एम यूनिवर्सिटी बतौर परमाणु वैज्ञानिक के रूप में तैनात था।
परमाणु वैज्ञानिक की मां गिरजेश देवी ने बताया कि उसकी योग्यता और रिसर्च को देखते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग ने उन्हें अपने प्राजेक्ट पर काम करने का न्यौता दिया था। प्रोजेक्ट के काम में व्यस्तता के चलते वह दिसंबर 2013 में हुई अपने बड़े भाई प्रसून भारद्वाज की शादी में भी नहीं आया था।
इस काम से उनके अमेरिकी साथी चिढ़ गए और उसे फंसाने का षड़यंत्र रच डाला। भारद्वाज को झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दिया। उन्होंने बताया कि झूठा आरोप लगाने से पूर्व बेटे के मकान में चोरी की गई थी। उसके कंप्यूटर को हैक कर डाटा चुराने का भी प्रयास किया गया था।
जिसकी वीडियो क्लिप वहां मौजूद है। भारत में उसकी पैरवी कर रहे उसके दोस्त अतुल राय ने बताया कि भारद्वाज के मकान में हुई चोरी, कोर्ट की कार्रवाई की वीडियो क्लिप प्राप्त करने के लिए अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास को भेजा गया है।