हसनपुर बकसवा स्थित बूचा बाबा आश्रम के पुजारी की रविवार रात बदमाशों ने लाठी व रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार तड़के मंदिर में पूजा करने आए श्रद्धालुओं ने बाबा का लहूलुहान शव देख पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने की कोशिश की तो श्रद्धालुओं ने हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर शव को नहीं उठने दिया। एसएसपी वैभव कृष्ण और सीओ धमेंद्र कुमार यादव ने श्रद्धालुओं को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने लेखपाल के बेटे और पांच मजदूरों को हिरासत में ले िलया है।
जानकारी के अनुसार हसनपुर बकसवा के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहरी छोर पर बूचा बाबा का आश्रम है। करीब 30 साल पहले वैर गांव निवासी कम्मन उर्फ कुंवरपाल बूचा बाबा के शिष्य बन गए। बूचा बाबा के देहांत के बाद कुंवरपाल कई सालों से आश्रम की देखरेख कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार रविवार रात बदमाशों ने बाबा कुंवरपाल (70) की लाठी-रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के समय कुंवरपाल आश्रम में अकेले थे। एसएसपी, सीओ के अलावा फॉरेंसिंक टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। बताया जा रहा है कि बाबा ने दो दिन पहले ही दान में मिले गेहूं बेचे थे।
वहीं, मंदिर की भूमि पर लगे पेड़ों को लेकर गांव के रिटायर्ड लेखपाल से उनका विवाद भी हुआ था। पुलिस ने लेखपाल के बेटे को हिरासत में लिया है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि चार दिन पहले गांव के ही एक युवक ने बाबा के साथ मारपीट की थी।
आजकल मंदिर के पास सड़क निर्माण का काम चल रहा है। सड़क बनाने में लगे मजदूर भी मंदिर परिसर में सोते हैं। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
श्रद्धालुओं ने नहीं उठने दिया शव
आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर श्रद्धालुओं ने पुलिस को बाबा का शव काफी देर तक नहीं उठाने दिया। एसएसपी, सीओ ने मौके पर पहुंचकर श्रद्धालुओं को समझाया तो करीब एक घंटे बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दो दिन पहले बेचे थे 1.25 रुपये लाख के गेहूं
आश्रम में दान काफी आता था। बाबा के करीबी शिष्य सीटू पुत्र रामबीर ने बताया कि दो जुलाई को बाबा ने दान में आए 1.25 लाख रुपये के गेहूं बेचे थे। सीटू ने बताया कि चार दिन पूर्व हसनपुर बकसवा के शराबी युवक गंगालाल ने भी बाबा के साथ अभद्रता की थी।
पेड़ों को लेकर हुआ था विवाद
सीटू ने बताया कि आश्रम के बराबर में हसनपुर बकसवा निवासी रिटायर्ड लेखपाल का खेत है। कुछ दिन पूर्व ही आश्रम की भूमि में लगे पेड़ों को लेकर बाबा का लेखपाल से विवाद हुआ था। बाद में बाबा ने 28 हजार रुपये में पेड़ों को बेच दिया था।
आश्रम के नाम पर है काफी संपत्ति
आश्रम के पास करीब 42 बीघा कृषि भूमि के अलावा उसकी मेड़ पर लगे लाखों रुपये के पेड़, दान में मिले सामान को बेचने से प्राप्त धन आदि है। ग्रामीणों के अनुसार बूचा बाबा आश्रम की आसपास के क्षेत्रों में काफी मान्यता है। आश्रम में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं।
आश्रम पर रहने वाले पुजारी की हत्या पुरानी रंजिश के चलते हुई है। आरोपियों की पहचान कर ली है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
- वैभव कृष्ण, एसएसपी
प्राथमिक जांच में अंदेशा है कि बाबा की हत्या रंजिश या लूट के इरादे से की गई है। पुलिस संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। - धमेंद्र कुमार, सीओ