कैश के लिए सैदपुर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में उमड़ी भीड़ अव्यवस्था के चलते बेकाबू हो गई। धक्कामुक्की बढ़ी तो भीड़ ने कैश काउंटर की ग्रिल उखाड़ दी। घबराए बैंक कर्मियों ने काम बंद कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को बैंक के बाहर निकालकर ताला लगा दिया।
शाम तक भीड़ बैंक के बाहर कैश वितरण शुरू होने का इंतजार करती रही लेकिन बैंक बंद होने के वक्त तक कैश काउंटर नहीं खोला गया। कई दिनों से कैश की किल्लत झेल रहे लोग बैंक में कैश निकालने के लिए सुबह से कतार में खड़े थे। शुक्रवार को बैंक में पुलिस तैनात न होने के कारण कैश काउंटर पर पहले पहुंचने की होड़ लगी थी।
कई लोगों ने काउंटर की ग्रिल पकड़कर उखाड़ डाली। शाखा प्रबंधक सुधीर सिंह नाहर ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को बाहर किया तथा बैंक गेट पर अंदर से ताला लगा दिया गया। ग्राहकों का कहना था कि बैंक के अंदर बुजुर्गों व महिलाओं के लिए अलग से कोई कतार नहीं थी। लोग एक दूसरे को पीछे धकेलकर आगे बढ़ रहे थे।
इसी आपाधापी के बीच कुछ लोगों ने कैश काउंटर की ग्रिल पकड़कर उखाड़ दी। कई ग्राहकों का यह भी कहना था कि कैशियर के धीमी गति से कार्य करने के कारण लोगों में नाराजगी पैदा हुई। कई लोग तीन दिन से लगातार आ रहे थे, लेकिन फिर भी उन्हें कैश नहीं मिला।
समाचार भेजे जाने तक कैश बांटने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। पीएनबी शाखा प्रबंधक सुधीर सिंह नाहर का कहना है कि बैंक में पुलिस न होने के कारण कैश काउंटर पर भीड़ अनियंत्रित हो गई थी। ग्रिल उखड़ने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से काउंटर बंद कर दिए गए।
कैश न मिलने पर भड़के बैंक ग्राहकर
नोटबंदी को दो माह से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद कस्बे में नकदी का संकट जस का तस बना हुआ है। यहां स्थित इलाहाबाद बैंक में नोटबंदी के बाद से ही नकदी का संकट है। पुरानी शाखा होने के कारण यहां उपभोक्ताओं के सर्वाधिक खाते हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शुक्रवार को भी नकदी न होने के कारण बैंक अधिकारियों ने मेन गेट बंद कर दिया और लोगों ने जमकर हंगामा किया।बता दें कि नोटबंदी के बाद सेे ही कस्बे के बैंकों के बाहर तड़के से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतार लग जाती है। सुबह दस बजे बैंक अधिकारियों के आने के बाद उन्हें कैश के संबंध में जानकारी होती है। इसके चलते कई बार उपभोक्ताओं को कई घंटे कतार में खड़े होने के बावजूद बिना कैश के ही वापस जाना पड़ता है।