अवैध संबंधों के शक और बलात्कार के मामले में दूसरे पक्ष पर फैसले का दबाव बनाने के लिए जेल में बंद पति ने सुपारी देकर बबिता की हत्या कराई थी। अरनिया पुलिस ने मृतका के ननदोई को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा कर दिया।
एसपी देहात पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि 31 अगस्त 2016 को महमूदपुर गांव निवासी जयवित्री पत्नी शिशुपाल सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई कि 30 अगस्त की रात गांव के ही धर्मा पुत्र छोटेलाल, रवि पुत्र प्रेमपाल ठाकुर और नरेश पुत्र अज्ञात ने मिलकर उसकी पुत्रवधू बबीता की गला रेतकर हत्या कर दी ।
पुलिस की तफ्तीश में पता चला कि बबीता की हत्या में सुनील कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह निवासी गांव भटियाना थाना हाफिजपुर जिला हापुड़ शामिल है। पूछताछ के दौरान सुनील ने बताया कि वर्ष 2015 में बबीता के पति संजू उर्फ बॉडी और हरेंद्र ने हत्या में नामजद एक आरोपी की बहन के साथ बलात्कार किया था।
कुछ दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से वह जेल में है। संजू ने कई बार बलात्कार पीड़िता के परिजनों पर समझौते के लिए दबाव बनाया था। वहीं बबीता के भी अवैध संबंधों की चर्चा पूरे गांव में फैल रही थी। इस पर संजू ने जेल में रहते हुए बबीता की हत्या की साजिश की।
जेल में संजू की मुलाकात छतारी थाना क्षेत्र के गांव किरतपुर निवासी सतेंद्र पुत्र रामजीलाल से हुई। संजू ने सतेंद्र को बबीता की हत्या की सुपारी दे डाली। 10 अगस्त 2016 को सतेंद्र जमानत पर छूटा तो संजू के कहने पर उसके जीजा(बहनोई) सुनील कुमार ने उसे सुपारी के 15 हजार रुपये दे दिए।
बाकी रुपया हत्या के बाद देना तय हुआ था। सतेंद्र ने अपने साथी सूरज पुत्र रामचरन निवासी बेरा फिरोजपुर थाना स्याना के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। बबीता की हत्या होने की जानकारी उसकी सास जयवित्री को भी थी। एसपी देहात ने बताया कि बबीता की हत्या के मामले में सुनील कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दो सुपारी किलर और जयवित्री को पुलिस तलाश कर रही है।