दीपावली की पूर्व संध्या पर कांग्रेस नेता शांतिस्वरूप शर्मा की हत्या की प्रधानी के चुनाव की रंजिश के चलते हुई थी। मृतक के भाई ने दो लोगों को नामजद करते हुए चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं रविवार को शांतिस्वरूप शर्मा के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोग पहुंचे।
मृतक शांतिस्वरूप शर्मा के भाई राजकुमार शर्मा पुत्र शीलचंद शर्मा निवासी गांव इस्माइला थाना औरंगाबाद ने बताया कि गांव के अमित व सुमित पुत्र मुकेश उर्फ भूरा से प्रधान के चुनाव से उसके भाई से रंजिश मानते थे। शनिवार रात वह भाई ीशांतिस्वरूप और भतीजे के साथ सुशीला विहार स्थित घर पर था। तभी दो व्यक्ति घर पर आए । शांतिस्वरूप के पैर छूए और मिठाई दी। दोनों ने कहा कि वे हसनपुर से आए हैं। इतने में ही गांव के अमित व सुमित पुत्र मुकेश उर्फ भूरा घर के अंदर घुसे। इस पर दोनों अज्ञात बदमाशों ने शांतिस्वरूप को पकड़ लिया और अमित व सुमित ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
पुलिस ने अमित-सुमित समेत चार के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली। साथ ही पूछताछ के लिए आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
शांतिस्वरूप शर्मा की हत्या के मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में हत्या का कारण स्पष्ट हो रहा है। नामजद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही पूछताछ और गिरफ्तारी के बाद वारदात का खुलासा किया जाएगा। - डॉ. धर्मेंद्र यादव, सीओ सिटी
एक साल पहले ही कर दिया था हत्या का एलान कांग्रेस नेता शांतिस्वरूप शर्मा की हत्या प्रधानी चुनाव की रंजिश में हुई थी। वर्तमान प्रधान को चुनाव लड़ाने पर प्रतिद्वंद्वंी पक्ष ने एक साल पहले ही शांतिस्वरूप की हत्या करने का एलान कर दिया था।
रंजिश के कारण कांग्रेस नेता का परिवार पैतृक गांव इस्माइला छोड़कर बुलंदशहर के सुशीला विहार में रहने लगा था। एक साल पहले हुए प्रधानी के चुनाव में शांतिस्वरूप शर्मा ने श्यामवती पत्नी देवेंद्र का साथ दिया था। श्यामवती ने तकरीबन 150 वोटों से चुनाव जीता था।
जबकि प्रतिद्वंद्वी अमित की मां अनिल देवी प्रधानी पद का चुनाव हार गई थी। चूंकि शांतिस्वरूप शर्मा लंबे समय से राजनीति से जुड़े हुए थे और गांव में उनका अच्छा-खासा प्रभाव था। हार के लिए अमित ने शांतिस्वरूप को ही जिम्मेदार ठहराते हुए बदला लेने की ठान ली थी। हारने के बाद अमित ने पूरे गांव में शांतिस्वरूप की हत्या का एलान किया था।
परिजनों की मानें तो आए दिन धमकी मिलने से भयभीत होकर वह एक साल पहले ही इस्माइला गांव छोड़कर बुलंदशहर के सुशीला विहार में रहने लगे थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो अमित फिलहाल कुख्यात अनिल दुजाना गैंग के लिए काम कर रहा है। हालांकि दूसरे नामजद अमित के भाई सुमित के बारे में पता चला कि वह एनसीआर में नौकरी कर रहा है।
अंतिम संस्कार में हजारों शामिल हुएः कांग्रेस नेता शांतिस्वरूप शर्मा का रविवार को पैतृक गांव इस्माइला में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान हजारों ग्रामीण मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सिटी समेत पुलिस बल तैनात रहा।
विधायक गुड्डू पंडित, सुनील चरौरा, हिमायत अली, कांग्रेस नेता श्यौपाल सिंह आदि नेताओं ने पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट की। चरौरा मुस्तफाबाद में कांग्रेस नेता मरहूम सगीर गांधी के आवास पर शोकसभा हुई।
हत्या के बाद गांव आए थे आरोपी
ग्रामीणों की मानें तो वारदात के कुछ देर बाद ही दोनों आरोपी अपने गांव इस्माइला भी आए थे। परिजनों और अन्य ग्रामीणों से मिले थे। मगर ग्रामीणों को यह पता नहीं था कि दोनों आरोपी कांग्रेस नेता की हत्या करके यहां आए हैं। कई ग्रामीणों ने इस बात की पुष्टि की है।
कई जिलों में दर्ज हैं आपराधिक केसअ
निल दुजाना गैंग के लिए काम कर रहे इस्माइला के अमित पर कई जिलों में केस दर्ज हैं। हत्या का प्रयास, लूटपाट, धमकी देने के कई मामले दर्ज हैं। अलीगढ़ के क्वारसी थाने में एक युवक की हत्या का केस भी अमित के नाम दर्ज है।
औरंगाबाद थाने में अमित पर एकमात्र हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। वे जिला पंचायत के वार्ड संख्या-11 से चुनाव लड़ चुके हैं। वह एसडी इंटर कॉलेज इस्माइला के भी प्रबंधक थे।