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नोट बंदी से 797 लोहिया आवासों पर छाया संकट

Thu, 17 Nov 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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रुपये
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500 और 1000 के नोटों की बंदी का असर डॉ. राम मनोहर लोहिया आवास के निर्माण पर पड़ने लगा है। शासन ने 797 आवंटियों को 1.37 लाख रुपये के हिसाब से नौ करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। आवंटियों के सामने मौजूदा परिस्थिति में 1.37 लाख रुपये बैंक से विड्राल करने का संकट है। आवंटी तो टेंशन में है ही अफसरों के भी पसीने छूटे हुए हैं।
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मौजूदा वित्त वर्ष में शासन ने जिले को 797 लोहिया आवासों के निर्माण का लक्ष्य दिया है। प्रति आवास 1.37 लाख रुपये के हिसाब से 797 आवंटियों को नौ करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। बता दें कि एक मकान के निर्माण पर 2.75 लाख रुपये खर्च आएगा। 30 हजार रुपये सोलर लाइट पर नेडा अलग से खर्च करेगा।

पंचायत राज विभाग की ओर से 12 हजार रुपये शौचालय के लिए दिए जाएंगे। इतना ही नहीं आवंटी को तीन माह की मनरेगा मजूदरी देने की व्यवस्था शासन की ओर से की गई है।
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आवंटियों के खातों में धनराशि डाल दी गई है। सवाल अब 1.37 लाख रुपये निकालने का है। ऐसे में मकानों निर्माण भी अटक सकता है।

पीडी डीआरडीए मुरारी लाल ने बताया कि नई परिस्थिति में आवास निर्माण में संकट पैदा हो गया है। 

डाकघर-बैंक में पैसा नहीं पहुंचा, लोगों ने किया रोड जाम
बृहस्पतिवार को डाकघर व जीटी रोड स्थित इलाहाबाद की शाखा में पैसा नही आने पर लोगों ने करीब 10 मिनट तक हाईवे जाम कर दिया। सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची तथा लोगों को खदेडकर सड़क से हटाया। इलाहाबाद बैंक के प्रबंधक जिशांत यादव ने बताया कि बड़े नोट बदलने के लिए पर्याप्त धन बैंक में नही है।

शुक्रवार को आने की संभावना है। उधर, एचडीएफसी बैंक पर लोगों को भीड़ को देखते हुए पीएसी तैनात की गई। थानाध्यक्ष हरेराम यादव ने बताया कि पुलिस फोर्स की कमी है इसलिए पीएसी को तैनात किया गया है। वहीं, ग्राम भमरा स्थित सिडिंकेट बैंक में प्रबंधक एवं ग्राहकों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई।

कई ग्राहकों ने बड़े नोट नही बदले जाने की शिकायत की। वृहस्पतिवार को भी बैंको ने स्याही का प्रयोग नही किया। बैंको के बाहर लगी लाइनों में महिला, पुरुष व बुजुर्ग एक साथ दिखे। पुराने नोटों से टैक्स जमा नहीं होने से वकीलों में रोष बैंकों में टैक्स के रूप में पुराने नोट जमा नहीं होने से वकीलों में रोष व्याप्त है।

टैक्स बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। बृहस्पतिवार को टैक्स बार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर गर्ग ने कहा कि वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के प्रावधानों के तहत वैट, कर या किसी भी प्रकार का सरकारी कर पुरानी करेंसी के नोटों के द्वारा नगद धनराशि में जमा करने की छूट 24 नवंबर तक है।

बृहस्पतिवार को अधिवक्ता दीपक कुमार गोयल पुरानी करेंसी के नोट बैंक में जमा करने गए तो उसे अकारण अस्वीकार कर दिया गया। अधिवक्ताओं ने बैंक मैनेजर पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है। सचिव एचएम तारिक महमूद ने कहा कि बैंक मैनेजर द्वारा किया गया व्यवहार निंदनीय है।
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इस मौके पर विजय शर्मा, सुधीर भारद्वाज, राहुल अग्रवाल, अभिषेक गोयल, प्रेम सिंह, एसएम श्रीवास्तव, हसमुद्दीन मौजूद रहे। 
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