कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव में विवाहिता पर तेजाब डालने की घटना पुलिस लापरवाही के चलते हुई है। छेड़छाड़ और रेप के मामले में पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की होती तो उनका दुस्साहस इतना नहीं बढ़ता कि महिला पर एसिड अटैक किया जाता।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर तो रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की थी, कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की भी तो आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। कोतवाली देहात के एक गांव निवासी महिला के साथ तीन लोगों ने छह अगस्त 2016 को छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर उसको पीटा गया। आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोपियों से मिलीभगत कर पुलिस ने पीड़िता के पति का ही शांतिभंग में चालान कर दिया था। इसके बाद आरोपियों में से एक सुरजीत ने नौ अगस्त को महिला के साथ रेप किया। इसकी शिकायत के बावजूद चौकी और थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोपों को झूठा बताकर आरोपियों का ही साथ दिया। इसके बाद पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। अदालत के आदेश पर दो सितंबर को बिजेंद्र व सुरजीत के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज की गई, लेकिन गिरफ्तार नहीं किया। केस दर्ज होने के बाद से पीड़िता और उसके पति को आरोपी रोज धमका रहे थे।
आरोपियों ने चार दिन पहले पीड़िता को जिंदगी बर्बाद करने की धमकी भी दी थी। उन्होंने पुलिस लापरवाही का फायदा उठाकर रविवार रात महिला पर तेजाब फेंक दिया। अब पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है, लेकिन दो दिन बाद भी उनको गिरफ्तार नहीं किया गया है।
एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर सुरजीत, परमजीते, वीरपाल और एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।