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दरोगा को बंधक बनाया, छुड़ाने गई फोर्स पर पथराव

Fri, 27 Nov 2015 12:38 AM IST
अमर उजाला, जहांगीराबाद
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जानलेवा हमले के मामले में वांछित चल रहे गांव खालौर निवासी दीपक की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम के दारोगा संजय कुमार को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
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उनकी सर्विस रिवाल्वर और मोबाइल छीन लिया। सूचना के बाद उन्हें छुड़ाने पहुंची तीन थानों की फोर्स पर भी ग्रामीणों ने पथराव किया।

बल प्रयोग कर दरोगा को मुक्त कराने के बाद पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को हिरासत में लिया है।


कोतवाली क्षेत्र के खालौर निवासी दीपक नौ माह पहले कस्बा जहांगीराबाद में हुए जानलेवा हमले के मामले में वांछित है।

बृहस्पतिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि दीपक अपनी मां को प्रधानी का चुनाव लड़ाने के लिए गांव में आया है। इस पर कस्बा चौकी प्रभारी संजय कुमार और ग्यारवां मील चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह तीन सिपाहियों के साथ गांव में पहुंच गए।

समर्थकों के साथ घर के आंगन में बैठक कर रहा दीपक पुलिस को देखकर भागा लेकिन दरोगा संजय कुमार ने दीपक को दबोच लिया।

भीड़ जुटी तो पुलिस ने हवाई फायरिंग कर भीड़ को तितर-बितर किया। ग्रामीणों के तेवर भांपकर दारोगा संजय ने दूसरे दरोगा भूपेंद्र को आरोपी दीपक और पुलिस पार्टी के साथ कार से थाने रवाना किया और खुद पैदल चौकी की ओर चल दिए। 
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इसी दौरान ग्रामीणों ने दरोगा संजय कुमार को दीपक के घर में बंधक बना लिया। लोगों ने उनकी सर्विस रिवॉल्वर और मोबाइल छीन लिया। हाथापाई भी की।

इसका पता चलते ही तीन थानों की पुलिस फोर्स गांव पहुंची। फोर्स देखते ही ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में पुलिस ने लाठियां भांजकर कर दरोगा संजय कुमार को मुक्त कराया।

पुलिस छह ग्रामीणों को भी हिरासत में लिया है।  बाद में दरोगा का रिवाल्वर तो मिल गया लेकिन खबर लिखे जाने तक मोबाइल बरामद नहीं किया जा सका है।

कोट्स
जानलेवा हमले के मामले में दीपक वांछित चल रहा था। उसे पकड़ने गई पुलिस पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया और कस्बा चौकी इंचार्ज संजय कुमार को बंधक बना लिया। छह ग्रामीणों को हिरासत में लिया है। दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।-पंकज कुमार पांडेय-एसपी देहात

सर्विस रिवॉल्वर बरामद, मोबाइल गायब

दरोगा को रिहा कराने के बाद पुलिस ने दीपक के घर से ही दरोगा की सर्विस रिवाल्वर तो बरामद कर ली। लेकिन समाचार लिखे जाने तक दरोगा का मोबाइल फोन बरामद नहीं हो सका था। पुलिस जल्द ही मोबाइल बरामद करने का दावा कर रही है।

पल-भर में छावनी में तब्दील हुआ गांव
जहांगीराबाद। आला अधिकारियों के निर्देश पर चंद मिनटों में खालौर गांव छांवनी में तब्दील हो गया। पल-भर में आसपास के शिकारपुर, अनूपशहर व डिबाई के सीओ पड़ौसी थानों की पुलिस को लेकर पहुंच गए।


आरोपी के घर को आने वाले सभी रास्तों को बुग्गी आदि लगाकर सील कर दिया। भारी पुलिसबल देखकर बंधक बनाने वाले सभी पुरुष भाग गए।


नौ माह पहले प्रॉपर्टी डीलर पर किया था जानलेवा हमला ः सीओ आरपी सिंह ने बताया कि करीब 9 माह पहले दीपक ने अपने साथियों के साथ मिलकर कस्बे के एक प्रॉपर्टी डीलर संजय बंसल पर जानलेवा हमला किया था। दीपक वांछित चल रहा था।


राजनीति के तहत हुई कार्रवाई
दीपक के समर्थक पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। उनका कहना है कि 9 महीने पहले के केस में पुलिस अभी क्यों गिरफ्तार करने पहुंची।

समर्थकों के मुताबिक पुलिस जिस केस में दीपक को वांछित बता रही है, उस केस में उसका वादी से जहां समझौता हो गया था। वहीं उसने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे प्राप्त कर लिया था।
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पुलिस ने कोई भी स्टे होने से पूरी तरह इंकार किया है।
 
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