बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को बुखार से दो और लोगों की मौत हो गई। बुखार से जनपद में अब तक मरने वालों की संख्या 124 पहुंच गई है। सीएमओ ने सभी प्रभारियों की बैठक बुलाई है। 100 से ज्यादा मेडिकल टीमों को गठित कर गांवों में भेजने के निर्देश दिए गए है।
वहीं, बढ़ते बुखार से अपंजीकृत चिकित्सकों की मौज आ गई हैं। सिकंदराबाद के ककोड़ क्षेत्र के गांव ख्वाजपुर निवासी प्यारेलाल ने बताया कि उसकी बेटी खुशबू (16) इंटर की छात्रा थी। खुशबु को चार-पांच दिनों से बुखार आ रहा था। पास के वैलाना गांव में एक अपंजीकृत चिकित्सक से उसका उपचार कराया जा रहा था।
शनिवार की रात खुशबु की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके अलावा खुर्जा के मोहल्ला सरायअल्लो निवासी एक किशोर की बुखार से मौत हो गई। मोहल्ला निवासी तालिब (17) पुत्र इलियास पिछले सात दिनों से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने पहले नगर स्थित निजी अस्पताल में इलाज कराया।
कोई सुधार न होने पर परिजनों ने तालिब को दिल्ली स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। क्षेत्र में बुखार का प्रकोप घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगर में काफी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। वहीं, बुखार से अब अफसर भी खौफजदा हो गए हैं।
सीएमओ ने सभी प्रभारियों की बैठक बुलाने के अलावा 100 से ज्यादा मेडिकल टीम गठित कर गांव-गांव कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सभी एएनएम को गांवों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।