23 साल पुराने हत्या के मामले में हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने पर पुलिस ने सपा नेता सतवीर यादव को जेल भेज दिया है।
जिला सत्र न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद हाईकोर्ट ने 19 साल पहले जमानत दी थी। लेकिन पीड़ित की शिकायत पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सतवीर यादव की जमानत खारिज कर दी हैं।
अधिवक्ता अरुण शर्मा ने बताया कि वर्ष 1992 में कोतवाली देहात के गांव नवादा में हरमान नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। मामले में सतवीर यादव समेत पांच आरोपियों को जिला एवं सत्र न्यायालय ने वर्ष 1995 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
1996 में हाईकोर्ट ने पांचों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया था। तभी से पांचों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे।
अधिवक्ता ने बताया कि नवादा निवासी राजकुमार शर्मा ने पीड़ित परिवार को खतरा जताते हुए हाईकोर्ट में सतवीर यादव की जमानत खारिज करने के लिए याचिका डाली थी।
जिस पर हाईकोर्ट ने सतवीर की जमानत खारिज कर दी। साथ ही हाईकोर्ट ने एसएसपी बुलंदशहर और सीजेएम को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर सतवीर यादव को गिरफ्तार करने के आदेश दिए थे।
सोमवार को अंतिम दिन के चलते पुलिस ने सतवीर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सतवीर की पत्नी बनी है प्रधान
सतवीर यादव की पत्नी हाल ही में पंचायत चुनाव में नवादा की प्रधान चुनी गई है। उस समय भी जमानत निरस्त करने की बात उठी थी।
लेकिन सत्तापक्ष से जुड़े होने के कारण चुनाव से पहले कार्रवाई नहीं की गई। अब हाईकोर्ट के अल्टीमेटम के आखिरी दिन गिरफ्तार किया गया है।
सतवीर यादव को हाईकोर्ट के आदेश के बाद गिरफ्तार किया गया है। वह एक हत्या के मामले में जमानत पर बाहर था। पीड़ित ने आरोपी से जान को खतरा बताते हुए हाईकोर्ट से सतवीर की जमानत खारिज करने की अपील की थी।
राजेश कुमार, एसपी सिटी