सरकार के फरमान पर प्रशासन ने अवैध बूचड़खानों और मीट की दुकानों पर शिकंजा कस दिया। शिकारपुर में अवैध रूप से चल रहे बूचड़खाने को ध्वस्त करा दिया गया। जिलेभर में मीट की दुकानों पर छापे मारे गए। इस दौरान पचास से अधिक दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए।
सिकंदराबाद में दुकानदारों की प्रशासनिक टीम के साथ नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने अभद्रता करने के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। बृहस्पतिवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम उमाशंकर, तहसीलदार सुशील कुमार और कोतवाली प्रभारी पीआर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन की टीम ने भटौला मोड़ के पास स्थित बूचड़खाने को नगर पालिका की जेसीबी द्वारा धराशाई कर दिया गया।
वहीं पालिका प्रशासन ने 14 दुकानदारों को नोटिस जारी कर अपनी दुकान बंद करने के निर्देश दिए हैं। सिकंदराबाद में एसडीएम कन्हई सिंह के नेतृत्व में तहसील, नगर पालिका कर्मचारियों , पुलिस ने अवैध मीट की दुकानों, अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाया।
प्राशानिक टीम ने हाईवे, चट्टू चौराहा, चौधरीवाडा में अवैध मीट की दुकाने बंद कराई। साथ ही अवैध निर्माण भी हटवाया। एसडीएम ने दुकानदारों को भविष्य में अवैध निर्माण करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। प्रशासनिक टीम में सीओ चौधरी यशवीर सिंह, प्रभारी ईओ दिलीप श्रीवास्तव, खाद्यय निरीक्षक मनोज सिंह, आदि मौजूद रहे।
औरंगाबाद में स्टेट हाईवे पर 15 मीट की दुकानों को बंद कराया। साथ ही रावण वाले मैदान निकट बूचड़खाना भी बंद कराया गया। ननरौरा में इंस्पेक्टर संजय कुमार पांचाल ने बताया कि मीट की दुकानों को नोटिस जारी किए हैं। डिबाई में पुलिस ने अभियान चला कर हाईवे पर स्थित दुकानों के अलावा कई मोहल्लों में दुकानें बंद कराईं।
गुलावठी में सैदपुर रोड स्थित मीट मार्केट में अवैध रूप से खुली एक मीट की दुकान बंद कराई। अनूपशहर में एसडीएम ने बताया कि अनपूशहर तहसील में कटान व मीट बिक्री का कोई लाइसेंस नहीं है। खुर्जा में एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि मोहल्ला तरीनान, कसाईबाड़ा समेत कई अन्य मोहल्लों में टीम ने निरीक्षण किया।