अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर के जंगल में कोई जहरीला बीच खाने से छह बच्चे बेहोश हो गए। ये बच्चे स्कूल छूटने के बाद जंगल में बकरियां चराने गए थे। सभी बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं अस्पताल में लाइट की व्यवस्था न होने और अंधेरे में इलाज होने पर परिजनों ने रोष जताया।
सभी छह बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के पहाड़पुर गांव निवासी बच्चे गौरी (7) पुत्री प्रेमशंकर, (7) संजीव पुत्र सुनील, संध्या (5) पुत्री सुनील, सचिन (11) पुत्र मनोज, जतिन (10) पुत्र राधा सिंह, हरेंद्र (8) पुत्र रामौतार मंगलवार को स्कूल छूटने के बाद जंगल में बकरियां चराने के लिए गए।
इनमें संजीव और संध्या भाई-बहन हैं। बताया गया कि सभी बच्चे जब जंगल में बकरी चरा रहे थे, तभी सड़क किनारे बाइक सवार दो लोग कुछ फेंककर चले गए। बच्चों ने पास जाकर देखो तो वह किसी पौधे के बीज थे। सभी बच्चों वह बीज उठाकर खा लिए। थोड़ी देर बाद ही बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं।
सभी बच्चे वहीं पर बेहोश हो गए। करीब एक-डेढ़ घंटे के बाद होश आने पर बच्चे अर्द्धबेहोशी की हालत में अपने घर पहुंचे। तब भी बच्चों को उल्टियां हो रहीं थीं। बच्चों की हालत देखकर उनके घर वाले घबरा गए और उन्हें अनूपशहर सीएचसी लेकर दौड़े। सभी छह बच्चों को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
इस दौरान सीएचसी की लाइट चली गई। अस्पताल प्रबंधन ने जनरेटर नहीं चलाया और बच्चों का इलाज अंधेरे में किया। इससे बच्चों के अभिभावकों ने नाराजगी जताई। डॉक्टर उनकी हालत अब खतरे से बाहर बता रहे हैं। सीएचसी प्रभारी राकेश शर्मा का कहना है कि बच्चों को उलटी-दस्त की दिक्तत है। उनकी निगरानी की जा रही है।