सीएम अखिलेश यादव को खून की चिट्ठियां लिखने वाली बुलंदशहर की बेटियों और उनके मामा के खिलाफ मुरादाबाद के गलशहीद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ये कार्रवाई दोनों बहनों के एक रिश्तेदार(फुफा) की तहरीर पर की है।
रिश्तेदार का आरोप है कि दोनों बहनें और उनके मामा सोशल मीडिया पर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। गलशहीद थानाक्षेत्र के गांधी नगर में रहने वाले ब्रास कारोबारी आकाश अग्रवाल ने बुलंदशहर के कृष्णा नगर निवासी धनेश अग्रवाल पुत्र राकेश अग्रवाल और उनकी भांजी लतीका बंसल पुत्री मनोज बंसल और तान्या बंसल पुत्री मनोज बंसल के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
आकाश अग्रवाल ने बताया कि 14 जून 2016 को मेरे साले मनोज बंसल की पत्नी अनू बंसल की जल कर मौत हो गई थी। अनू पत्नी के भाई ने मनोज समेत आठ रिश्तेदारों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। जिसमें आकाश अग्रवाल उनकी पत्नी को भी नामजद किया गया था।
पुलिस ने मनोज बंसल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जबकि बाकी आरोपियों को क्लीनचिट दे थी। बाद में अनू के भाइयों को अनु की बेटियों से सीएम के नाम खून की चिट्ठी लिखवाई। मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद सीएम ने पूरे मामले की तत्काल जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इसमें इंस्पेक्टर और दरोगा सस्पेंड भी कर दिए थे। लेकिन बाद में जांच में आरोप झूठे साबित हुए। अब धनेश और अनु की बेटियों ने आकाश और उनकी पत्नी के खिलाफ सोशल मीडियो पर भद्दे कमेंट़स कर रही हैं। फेसबुक पर उन्हें कातिल बताया जा रहा है।
जबकि आकाश अग्रवाल की पत्नी पर भी भद्दे व अश्लील कमेंट्स किए जा रहे हैं। आकाश का कहना है कि इस हरकत उनका समाज में बदनामी हो रही है। सीओ कटघर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
ये था मामला
बुलंदशहर निवासी मनोज बसंल की पत्नी अनू बंसल 14 जून को घर में ही जल गई थी। 20 जून को इलाज के दौरान अनू की मौत हुई थी। अनू की मां ओमवती ने अपने दामाद मनोज, 78 साल की समधिन स्नेहलता और उनके 6 रिश्तेदारों पर अपनी बेटी को जलाकर मर डालने का केस दर्ज कराया था।
पुलिस ने तफ्तीश में मामला संदिग्ध आया और पति को छोड़कर बाकी अन्य आरोपियों की लोकेशन मौके पर नहीं मिली थी। अनू के भाइयों ने अनू की बेटियों से खून की चिट्ठियां लिखवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दीं। इसके बाद मामला गरमा गया था।