कोतवाली देहात के रहने वाले एक युवक से यूपी सचिवालय में क्लर्क के पद पर नौकरी का झांसा देकर 12 लाख रुपये ठग लिए। छह माह बाद भी नौकरी न लगने पर पीड़ित ने जब रुपये मांगे तो आरोपी ने 12 लाख का चेक दे दिया जो बैंक में डिसऑनर हो गया। पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर दो नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
कोतवाली देहात के चोला गांव निवासी ज्ञानपाल सिंह ने सीजेएम कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव उमराला थाना खुर्जा देहात निवासी सुधीर सोलंकी पुत्र मदना ने आश्वासन दिया कि वह उत्तर प्रदेश सचिवालय में क्लर्क की नौकरी लगवा सकता है। सुधीर सोलंकी ने सचिवालय में योगेंद्र सिंह निवासी ग्रेटर नोएडा से मुलाकात कराई।
जमानत के आधार पर सुधीर सोलंकी व योगेंद्र सिंह को जमीनों का बैनामा व इकरारनामा करके इकट्ठा किए 12 लाख रुपये नौकरी के लिए अप्रैल 2016 में कालाआम चौराहे पर दिए। योगेंद्र सिंह ने आश्वासन दिया कि डेढ़ माह के भीतर नियुक्ति पत्र मिल जाएगा और उत्तर प्रदेश सचिवालय में नौकरी लग जाएगी। लेकिन आज तक नौकरी नहीं लगी।
योगेेंद्र सिंह से रुपये वापस मांगे तो 30 जून 2016 को योगेेंद्र सिंह ने अपने एक्सिस बैंक एकाउंट का 12 लाख रुपये का एक चैक काटकर दे दिया। 11 जुलाई 2016 को जब यह चैक बैंक में लगाया तो खाते में रुपया न होने के कारण भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद योगेंद्र ने रुपये मांगने पर 3-4 अन्य लोगों के साथ मिलकर मारपीट की और रुपये देने से इनकार कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। नगर कोतवाल राजवर्धन गौड़ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सुधीर सोलंकी पुत्र मदना और योगेंद्र सिंह समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कर ली है।