हिंदुस्तान लीवर के एजेंट राहुल की हत्या लूट का विरोध करने पर नहीं बल्कि गाड़ी रुकते ही पहले गोली मार दी थी। फिर लूटपाट कर भाग गए थे।
यह खुलासा पुलिस ने आरोपी आरिफ को रिमांड पर लेकर किया है। आरोपी की निशानदेही पर पिस्टल, दो कारतूस, लूटे दस हजार रुपये की नगदी बरामद कर ली है।
14 नवंबर 2015 की शाम अमीनगर के बंबे पर हिंदुस्तान लीवर के कलेक्शन एजेंट राहुल से लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी। दरअसल, पुलिस को यह अंदेशा था कि राहुल की हत्या लूट का विरोध करने पर की गई है।
लेकिन कोतवाली प्रभारी केपी सिंह ने बताया कि इस मामले में चौधरीवाड़ा निवासी अकरम पुत्र इकराम, बिलासपुर निवासी आरिफ पुत्र कल्लू को आरोपी बनाया गया था। दोनों ही लूट के अन्य मामले में जेल में बंद थे। शनिवार को पुलिस ने आरोपी आरिफ का रिमांड लिया।
एसआई अनिल कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरिफ ने बताया कि 13 नवंबर को भी सिकंदराबाद के नेत्ररामपुरी में कार सवार बिलसूरी निवासी अरुण और भूषण से उन्होंने लूटपाट की थी। इस दौरान पीड़ितों से उनकी हाथापाई हो गई थी।
इसके बाद आरोपियों ने तय किया कि इसके बाद से किसी भी वारदात को अंजाम देने से पहले गोली मारी जाएगी फिर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया जाएगा। इसलिए 14 नवंबर को आरोपियों ने पहले राहुल को को गोली मारी उसके बाद लूट की वारदात को अंजाम दिया।
इसके बाद बैग में मिले 54 हजार रुपये को बांट लिया था। पुलिस ने आरिफ की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, लूट के दस हजार रुपये बरामद किए हैं।