नोएडा के दिल्ली पब्लिक स्कूल में रैगिंग का शिकार हुआ बुलंदशहर का छात्र राहुल (बदला हुआ नाम) अब हॉस्टल में नहीं रहना चाहता। उसने अपने पिता से हास्टल में रहकर पढ़ाई करने से साफ इनकार कर दिया है। उसके पिता ने बुधवार को अमर उजाला को बताया कि उसके बेटे ने आशंका जाहिर की है कि यदि वह हॉस्टल गया तो उसके साथ बड़ी घटना घट सकती है।
उसकी मनोदशा को देखते हुए उसके माता-पिता ने भी स्कूल बदलने पर विचार शुरू कर दिया है। वहीं, राहुल के पिता ने आरोपी छात्रों के साथ स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।
आवास विकास कालोनी निवासी राहुल के पिता ने फोन पर बताया कि उन्होंने 15 दिन पहले ही अपने बेटे को डीपीएस बुलंदशहर से निकालकर डीपीएस नोएडा में 11वीं कक्षा में प्रवेश दिलाया था। पहली बार उसे अपने से दूर हॉस्टल में पढ़ने के लिए भेजा था।
जहां उसके साथ रैगिंग के नाम पर अन्य छात्रों ने मारपीट की और जान से मारने की कोशिश की। नोएडा में एक निजी अस्पताल में राहुल का सीटी स्कैन कराने के बाद बुलंदशहर पहुंचे राहुल के पिता ने कहा कि राहुल ने दोबारा हॉस्टल में जाने से साफ इनकार कर दिया है।
राहुल का कहना है कि यदि वह वहां दोबारा गया तो उसके साथ इससे भी बड़ी घटना घट सकती है। राहुल हॉस्टल में अपने साथ हुए वाकये को याद करके सहम उठता है। राहुल के पिता ने बताया कि वह हॉस्टल से उसका सारा सामान बुलंदशहर ले आए हैं।
उन्होंने कहा कि वह स्कूल बदलने के बारे में भी विचार कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वह जल्द ही ग्रेटर नोएडा में शिफ्ट होने जा रहे हैं। साथ ही कहा कि आरोपी छात्रों के साथ-साथ स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि उन्होंने शुरुआत में हमें गुमराह किया। पूरी घटना को दबाने की कोशिश की।