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पुलिस ने मचाया उत्पात मगर अफसरों ने किया इनकार

Sat, 05 Nov 2016 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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क्राइम - फोटो : अमर उजाला
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एनएच 91 पर हादसे के बाद भीड़ के बवाल शांत हुआ तो पुलिस एक्शन में आई। रातभर हाईवे पर बवाल करने वालों की तलाश में अच्छेजा और धरपा गांव में पुलिस ने छापेमारी की। पुरुषों को घर से निकालकर पीटा और तोड़फोड़ करते हुए महिलाओं से अभद्रता की।

हालांकि एसपी देहात दबिश दिए जाने का सिरे से इनकार कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने शनिवार को 200 से अधिक लोगों के खिलाफ मारपीट, लूटपाट, हत्या का प्रयास, आगजनी, सरकारी कार्यो में बाधा डालने और सात लॉ क्रिमिनल एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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एसओ खुर्जा देहात मनोज कुमार ने बताया कि हाईवे-91 पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने हंगामा कर जाम लगाया था। वहां से गुजरने वाले वाहनों में तोड़फोड़ कर यात्रियों से मारपीट की औार खेतों में पड़े प्याल में आग लगा दी।

मामले में पुलिस ने लाठी फटकारने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद भीड़ को किसी प्रकार हटाते हुए पांच घंटे बाद हाईवे से जाम खुलवाया। एसपी देहात जगदीश शर्मा ने पुलिस ने वीडियोग्राफी के आधार पर 200 से अधिक अज्ञातों के खिलाफ पुलिस ने वांछितों की तलाश में देर रात समीप के गांवों में दबिश दी। हालांकि एसपी ने दबिश दिए जाने की बात से पूरी तरह से इनकार किया है।

15 लोग हिरासत में पुलिस का इनकार
खुर्जा। ग्रामीणों की मानें तो पुलिस ने शुक्रवार को बवाल के बाद ही 15 लोगों को हिरासत में ले लिया था, इसलिए भी लोगों में डर बैठा हुआ है। हालांकि लोगों को हिरासत में लिए जाने की बात से अधिकारी इनकार कर रहे हैं।

गांव में पीएसी और पुलिसबल तैनात
खुर्जा। शुक्रवार दोपहर हुए बवाल के बाद गांव अच्छेजा और धरपा में पुलिस और पीएसी तैनात है। अच्छेजा को पुलिस अधिकारियों ने पुलिस छावनी बना दिया। सूत्रों को कहना है कि पुलिस हर एक घर को खंगालने में लगी है।

घरों में सिर्फ महिलाएं और बच्चे मौजूद
खुर्जा। पुलिस द्वारा पकड़े जाने का खौफ लोगों में इस कदर है कि पुरुषों ने अपने-अपने घर ही छोड़ दिए हैं। पुरुष जंगल में और रिश्तेदारों के यहां जाकर रात काट रहे हैं। महिलाएं डरती-बचती हुई जंगल में ही उन्हें खाना पहुंचा रही हैं।

पुलिस के खिलाफ कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं
खुर्जा। हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद शनिवार को गांव में दोनों के शवों का अंतिम संस्कार हुआ। लोगों में पुलिस का खौफ इस कदर है कि शुक्रवार रात हुई पुलिस की बर्बरता के खिलाफ कोई भी बोलने को तैयार नहीं है। लोग चाहकर भी आपबीती बताने को तैयार नहीं हैं। जबकि पुलिस धरपा और अच्छेजा में दबिश देने में लगी है।

अच्छेजा और धरपा गांवों में नहीं जले चूल्हे
खुर्जा। हादसे में तीन मौतों के बाद शनिवार को अच्छेजा खुर्द और धरपा गांवों चूल्हे नहीं जले। पहले दोपहर तक लोग पोस्टमार्टम के बाद शवों के आने का इंतजार करते रहे। भाई लवी और बहन ज्योति के अंतिम संस्कार के बाद गांवों में मातम छा गया। दोनों गांवों में शनिवार को चूल्हे नहीं जले और किसी ने भी खाना नहीं खाया। दिनभर लोग मृतकों के परिजनों सांत्वना देते रहे।
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अच्छेजा नहीं पहुंचा कोई जनप्रतिनिधि
खुर्जा। छोटी-छोटी घटनाओं में संज्ञान लेने वाले नेता खुर्जा में हुए इतने बड़े बवाल के बाद भी गांव अच्छेजा खुर्द नहीं पहुंचे। गांव एक साथ भाई और बहन की चिताएं जलीं, लेकिन किसी नेता पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली। वहीं अंतिम संस्कार के वक्त को छोड़ दिया जाए तो दिनभर धरपा और अच्छेजा दोनों गांवों में सन्नाटा छाया। पुलिस का खौफ अलग से लोगों में दिख रहा था। कोई बात करने को तैयार नहीं है।
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