चकबंदी के विरोध में झाझर में किसानों का धरना जारी है लेकिन प्रशासन उसमें हिस्सा लेने वालों पर नजर गड़ाए हुए है। उनकी संख्या न बढ़े इस लिए झाझर के रास्तों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। आने-जाने वालों से पूछताछ भी की जा रही है।
माना जा रहा है कि पुलिस की इस नाकेबंदी के चलते ही किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया झाझर नहीं पहुंच पा रहे हैं। बता दें कि किसान नेता मनवीर तेवतिया झाझर में चकबंदी के विरोध में चल रहे धरने का नेतृत्व कर रहे हैं।
चकबंदी के विरोध में 7 जून से शुरू हुआ धरना 10 जून को मनवीर तेवतिया सहित आठ लोगों ने आमरण अनशन में तब्दील कर लिया। 17 जून को अनशनकारियों को बलपूर्वक उठाने का प्रयास के बाद पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ।
इसी बीच मनवीर तेवतिया गायब हो गए। धरना स्थल से मनवीर तेवतिया को दूर रखने के लिए पुलिस ने झाझर को छावनी में तब्दील कर दिया। डीएम एसएसपी ने चप्पे पर पुलिस और पीएसी का पहरा लगा दिया है।
धरने पर बैठे किसानों का दावा है कि मनवीर उनके संपर्क में है। वे कभी भी धरना स्थल पर पहुंच सकते हैं। वहीं रबूपुरा के चेयरमैन रविवार की सुबह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों का समर्थन किया। मैने इस संबंध में डीएम से वर्ता कर अनुरोध किया है कि बातचीत के जरिए किसानों की समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। - विमला सोलंकी
किसानों में विधायक के प्रति दिखा रोष
सिकंदराबाद/ककोड़। चकबंदी के विरोध में धरने पर बैठे किसानों में क्षेत्रिय विधायक विमला पुंडीर के खिलाफ काफी आक्रोष नजर आया। धरनारत किसानों का कहना था कि विधायक वोट मांगने के लिए तो उनके पास आ जाती है। आज जब उनके पर अत्याचार हो रहा है। विधायक ने उनकी खबर तक नहीं ली।