भले ही इनामी मुकेश हजरतपुरिया को पुलिस दबोच चुकी है। लेकिन उसका आतंक पुलिस का पीछा नहीं छोड़ रहा है। आलम यह है कि मेरठ रेफर किए जाने के बाद भी पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर मुकेश का इलाज जिले में ही कराना चाहती है।
पुलिस को डर है कि मुकेश को मेरठ ले जाते समय कहीं उसके गुर्गे उसे छुड़ाने की कोशिश में हमला न कर दें।
बता दें कि पिछले दिनों पुलिस ने 50 हजार के इनामी बदमाश मुकेश हजरतपुरिया को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था।
इस दौरान मुकेश के पैर में गोली लग गई थी। इसके चलते उसके पैर की हड्डी में गंभीर रूप से चोटिल हो गई थी। मुकेश को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, जहां से उसे आर्थो विशेषज्ञ ने उसे मेरठ मेडिकल रेफर किया है।
कोर्ट में पेशी के बाद मुकेश को मेरठ मेडिकल ले जाया गया। सूत्रों ने बताया कि मेरठ में मुकेश ने भर्ती होने की कोशिश की। इस दौरान मुकेश ने उसे मेरठ ले जाने वाले पुलिसकर्मियों से मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के नाम भी पूछे थे।
पुलिस को आशंका है कि मेरठ ले जाते समय मुकेश के गुर्गे उसे छुड़ाने की भी कोशिश कर सकते हैं। पुलिस प्रशासन इस कोशिश में लगा हुआ है कि उसका उपचार बुलंदशहर में ही कराया जाए।
एसएसपी के पत्र के बाद सीएमओ ने जिला अस्पताल के आर्थो विशेषज्ञ को गुरुवार को मुकेश हजरतपुरिया की जांच के भी निर्देश दिए हैं। उधर, मुकेश की पत्नी नीतू उर्फ सपना ने विधायक गुड्डू पंड़ित पर दूसरे दिन भी आरोप लगाए है।
आर्थो विशेषज्ञ को निर्देश दिए गए हैं कि वह बृहस्पतिवार को जिला कारागार में जाकर मुकेश का परीक्षण करें। कोशिश की जाएगी कि बंदी को बेहतर से बेहतर उपचार जिले में ही मुहैया कराया जाए।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ