निजाम भले ही कोई भी हो, लेकिन अफसरों की सेहत पर इसका कोई असर नहीं है। नए निजाम में भी अफसरों का रवैया पुराना है। बृहस्पतिवार को सीडीओ के निरीक्षण में विकास भवन के चार अधिकारी गायब मिले। दफ्तरों में फर्नीचर की हालत भी सोचनीय है।
मुख्य विकास अधिकारी नए निजाम में भले ही फार्म में आ गई हो मगर मातहतों का रवैया जस का तस है। सुबह 10:30 बजे सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, अधिशासी अभियंता (आईईडी), अधिशासी अभियंता (पीएमजीएसवाई) एवं जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी दफ्तर से गायब रहे।
साहब के बारे में कर्मचारियों से पूछने पर सही जवाब नहीं मिला। साहब के दफ्तरों में गंदगी का अंबार था। फर्नीचर की हालत अस्त-व्यस्त थी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक आर अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी के दफ्तर में बे-हिसाब गंदगी पाई गई। सीडीओ ने चारों अधिकारियों के वेतन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है।
ड्यूटी से बंक मारने वाले ग्रामीण सफाईकर्मी होंगे निलंबित
ड्यूटी से बंक मारने वाले ग्रामीण सफाईकर्मी अब निलंबित होंगे। लगातार प्रधानों की मिल रही शिकायतों के मद्देनजर यह कड़ा निर्णय लिया गया है। ड्यूटी न करने वाले कर्मियों की जांच को टीम बना दी गई है।
बता दें कि जिले में 951 ग्राम पंचायत हैं और इनमें 1200 के करीब सफाई कर्मचारी तैनात हैं। मगर, पिछले काफी दिनों से विभाग को प्रधानों की शिकायत मिल रही हैं कि उनके गांव के सफाई कर्मचारी नियमित ड्यूटी पर नहीं आ रहे। अगर आते भी है तो दो-चार घंटे के बाद ही कुछ ही स्थान की सफाई कर गायब हो जाते हैं।
यह भी आरोप है कि कर्मचारी उन्हें यह भी नहीं बता रहे कि वह ड्यूटी पर आ रहे या नहीं। इसके चलते गांवों की सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। इनके खिलाफ विभाग में करीब 160 शिकायत मिली है। इसे संज्ञान में लेते हुए विभाग ने ड्यूटी से बंक मारने वाले सफाई कर्मी को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।
अफसरों ने दावा किया है कि निरीक्षण और शिकायतों का निस्तारण करने को टीम भी बना दी है।
प्रधानों से भी संपर्क कर सफाई कर्मचारियों के बारे में पता लगाया जाएगा। डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ड्यूटी से बंक मारने वाले ग्रामीण सफाई कर्मचारियों पर शिकंजा कसने को रणनीति बना ली है। लापरवाह कर्मचारियों को निलंबित करने के साथ उनका वेतन भी काटा जा सकता है।