बुलंदशहर (ब्यूरो)। काफी जद्दोजहद के बाद कोतवाली देहात पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर आरटीओ दफ्तर के बाबू समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, हालांकि पीड़ित कोर्ट में जाने की बात कह रहा है।
शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र के समनपुर गांव निवासी होशियार सिंह पुत्र गनपत ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने अक्टूबर 2014 में महेंद्रा पिकअप गाड़ी फाइनेंस पर खरीदी थी। होशियार सिंह का कहना है कि उसने फाइनेंस कर्मियों नरेंद्र कुमार और अरुण सोलंकी को प्रतिमाह किस्त का भुगतान किया था।
कुछ माह पहले ही उसने पूरी किस्त अदा कर दी थीं। आरोप है कि आरटीओ दफ्तर में कार्यरत लिपिक राकेश जैन ने फर्जी तरीके से हस्ताक्षर करके गाड़ी उसके नाम न करके अपने किसी परिचित मानवेंद्र कुमार के नाम कर दी।
पीड़ित का आरोप है कि 5 जुलाई को वह दिनभर आरटीओ दफ्तर में मिन्नतें मांगता रहा, लेकिन राकेश जैन ने उसकी एक न सुनी। शनिवार दोपहर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और पीड़ित कोतवाली देहात पहुंचे। वहां उन्होंने पुुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। देहात कोतवाल रामसेन सिंह ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर नरेंद्र कुमार, राकेश जैन, अरुण सोलंकी और मानवेंद्र कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।