अब बालू का अवैध खनन करने वाले माफियाओं के खिलाफ मुकदमे दायर कराए जाएंगे। अब तक जनपद की सरकारी मशीनरी में जुर्माना करने का ही चलन था। मुकदमा दायर करने का आदेश 2010 में दिया गया था, लेकिन इसको लागू नहीं किया गया।
खनन के बड़े मामले पकड़ में आने के बाद भी अफसर मामूली जुर्माना वसूलते थे। शासन की सख्ती के बाद अब व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। डीएम आंजनेय कुमार सिंह का कहना है कि अब बालू का खनन करने वालों पर सीधा मुकदमा दायर किया जाएगा। कोर्ट में केस चलेगा। ऐसे में खनन माफियाओं को जुर्माना जमा करने के साथ कैद भी हो सकती है।
बता दें कि जनपद में अवैध खनन का धंधा सरकारी तंत्र की शह पर फल फूल रहा था। चंद रुपये जुर्माने का खनन माफियाओं पर कोई असर नहीं पड़ता है। यही कारण है जनपद में खनन माफिया निडर होकर अवैध खनन में लिप्त हैं।
बता दें कि मुकदमा दायर करने की व्यवस्था लागू करने के लिए शासन ने वर्ष 2010 में आदेश जारी किया था, लेकिन अफसरों ने इस आदेश को तरजीह नहीं दी। अपने स्तर पर जुर्माना व्यवस्था शुरू कर दी। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि जो मामले बड़े पकड़ में आएंगे उनके खिलाफ मुकदमे दायर कराया जाएगा।
बर्खास्त किए गए खनन मंत्री गायत्री के क्षेत्र से तीन दूतों को बुलंदशहर खनिकर्म विभाग में भेजा गया था। यह प्राइवेट लोग हैं। मंत्री गायत्री का बिस्तर बंधने के बाद खनन के दूतों ने भी सामान की पैकिंग शुरू कर दी है। खनन अधिकारी अभयरंजन ने बताया कि अवैध खनन को रोकने के लिए छापामारी की जा रही है। वाहन पकड़े भी गए हैं और जुर्माना भी वसूला गया है।