फर्जी आईडी पर सिम लेकर आईएसडी कॉल के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों को धमकाने के आरोपी अब एनआईए की रडार पर आ गए हैं। एनआईए की टीम बृहस्पतिवार को बुलंदशहर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। टीम आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
फर्जी कॉल के जरिए भारत सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने की भी अंदेशा है। साथ ही इसके हवाला और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इस बाबत एसपी देहात जगदीश शर्मा ने 13 मार्च को भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन (डीओटी), एनआईए, आईबी और एसटीएफ को पत्र लिखकर सूचना दी थी।
बता दें कि करीब 15 दिन पहले एसडीएम डिबाई और एसडीएम अनूपशहर को फोन पर धमकी भरी कॉल आईं थीं। इस मामले में पुलिस ने 12 मार्च 2017 में कोतवाली देहात के भूड़ चौराहे से वसीम, नईम पुत्र आंशू खान, मोहम्मद साजिद पुत्र शेर मोहम्मद निवासी दीपक विहार, खोड़ा कालोनी,
गाजियाबाद और समीर पुत्र पीरू खान निवासी डेल्टा प्रथम फ्लैट-340 थाना कासना जनपद गौतमबुद्ध नगर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने बताया था कि आजमगढ़ निवासी सरफुद्दीन पुत्र इमामुद्दीन ने इस काम के लिए टेलीकॉम उपकरण खरीदे थे। पुलिस अभी तक सरफुद्दीन की तलाश कर रही है।
एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर एनआईए की टीम जिले में पहुंची। टीम के सदस्यों ने जेल में बंद आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू कर दी है। टीम जल्द ही उनसे पूछताछ करेगी।