सांवली गांव में मंडी के पास जंगल में रविवार तड़के गश्त के दौरान पुलिस को एक नवजात रोता हुआ मिला। किसी ने बच्चे को जन्म के बाद जंगल में फेंक दिया था। पुलिसकर्मी ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। बच्चे की हालत स्वस्थ बताई गई है। फिलहाल तीन बेटियों के पिता की सुपुर्दगी में नवजात को दिया गया है।
जोखाबाद चौकी पर तैनात सिपाही शेलेंद्र कुमार रविवार तड़के गश्त पर थे। इसी दौरान सांवली गांव में मंडी के सामने जंगल में उन्हें एक नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने जंगल के आगे झाड़ियों को हटाकर देखा तो किसी ने अपना बच्चा वहां छोड़ रखा था।
आनन-फानन में उन्होंने नवजात को मेडिकल परीक्षण के लिए सीएचसी सिकंदराबाद में भर्ती कराया। अस्पताल चिकित्सक डा. किंजल सिंह ने बच्चे की हालत अब ठीक बताई है। अस्पताल में मौजूद सफाईकर्मी मंगलसेन ने बच्चे के पालन पोषण की इच्छा जाहिर की।
सूचना पर पहुंचे मोदीनगर के दंपति प्रमोद और रेखा ने भी बच्चे के पालन-पोषण की इच्छा जताई। प्रमोद-रेखा की तीन लड़किया हैं। पुलिस ने रेखा-प्रमोद को बच्चे को पालन पोषण के लिए सुपुर्द कर दिया। पूरी घटना नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।