कोतवाली क्षेत्र में जमानत खारिज होने के बाद एक मुल्जिम न्यायिक अभिरक्षा से फरार हो गया। कोर्ट मोहर्रिर और पुलिस ने पीछा कर उसे बाजार में दबोच लिया।
पुलिस ने कोर्ट मोहर्रिर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2014 में डिबाई के वरिष्ठ डॉक्टर एसपी सिंह से 10 लाख की रंगदारी मांगने का मामला पुलिस ने दर्ज किया था।
जिसका आरोपी राजेंद्र अरोड़ा (60) पुत्र दिलबाग राय निवासी मोहल्ला शेखान डिबाई को एडीजे अष्टम की कोर्ट ने 22 जनवरी को अंतरिम जमानत दी थी। जिसकी अगली सुनवाई के लिए 29 जनवरी की तारीख नियत की थी।
शुक्रवार सुबह 11 बजे राजेंद्र अरोड़ा ने एसीजेएम कोर्ट अनूपशहर में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण कर दिया। सुनवाई के दौरान एसीजेएम कोर्ट ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी।
साथ ही आरोपी की जमानत बुलंदशहर कोर्ट में भी खारिज हो गई। जिसकी भनक उसे लग गई। कोर्ट मोहर्रिर चंद्रपाल पीठासीन अधिकारी से रिमांड पेपर पर हस्ताक्षर करा रहे थे।
इसी दौरान दोपहर करीब तीन बजकर 50 मिनट पर राजेंद्र न्यायिक अभिरक्षा से भाग निकला। कोर्ट मोहर्रिर और पुलिस ने उसका पीछा कर बाजार में बाल निकेतन स्कूल के पास दबोच लिया।
इंस्पेक्टर अनूपशहर वीके यादव ने बताया कि कोर्ट मोहर्रिर चंद्रपाल सिंह ने राजेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।