हाईवे पर हैवानियत की शिकार मां-बिटिया से दुर्व्यवहार पर फंसी महिला डॉक्टर पर कार्रवाई सुनिश्चित हो गई है। जांच में सभी साक्ष्य उनके खिलाफ मिले हैं। तय माना जा रहा है कि सीएमओ आरोपी डॉक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि महिला डॉक्टर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
हाईवे पर हैवानों की दरिंदगी की शिकार मां-बिटिया को जब मेडिकल के लिए जिला महिला अस्पताल ले जाया गया था तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया था। महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा से पीड़ितों ने इस बात की पुष्टि की थी। राष्ट्रीय महिला आयोग के संज्ञान लेते ही सीएमओ ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
सीएमओ ने डीएमओ डॉ. बीके श्रीवास्तव और एसीएमओ डॉ. रेखा शर्मा के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को जांच टीम ने पीड़ित मां-बेटी के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, मां-बेटी ने जांच टीम से इस बात की पुष्टि की है कि उनसे दुर्व्यवहार किया गया।
वहीं जांच टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल के स्टाफ के भी बयान दर्ज किए। एक वरिष्ठ अफसर की मानें तो स्टाफ ने भी महिला डॉक्टर के खिलाफ बयान दर्ज किए हैं। महिला डॉक्टर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। तय माना जा रहा है कि डॉक्टर के खिलाफ सीएमओ निलंबन की कार्रवाई कर सकते हैं।
जांच पूरी हो गई है। जांच टीम उन्हें शनिवार को रिपोर्ट सौंप देगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी पर भी नरमी नहीं बरती जाएगी। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ