हाईवे पर मां-बेटी से हुए गैंगरेप के मामले में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बुधवार दोपहर बयान दर्ज कराने मां-बेटी जिस कार से कोर्ट पहुंची थीं, उसी कार के चालक ने मोबाइल से उनकी वीडियो बना ली। इसका पता चलते ही डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने फोन पर एसपी सिटी को फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
एसपी सिटी ने तुरंत चालक का मोबाइल जब्त कर लिया। साथ ही कार और चालक बदलवा कर मां-बेटी को घर भिजवाया। बुधवार को नगर कोतवाल आरके सिंह पीड़ित मां-बेटी को सफेद रंग की कार में बिठाकर कोर्ट पहुंचे।
कचहरी परिसर में भारी सुरक्षा के बावजूद कार चालक ने मोबाइल से पीड़िताओं के फोटो खींचे और वीडियो भी बनाई। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने डीआईजी लक्ष्मी सिंह को इस हरकत की सूचना दी। बताते हैं कि लक्ष्मी सिंह ने फोन पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान को फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिस समय पीड़ित मां-बेटी कोर्ट में बयान दर्ज करा रही थीं तभी एसपी सिटी मानसिंह चौहान वहां पहुंचे और आरोपी कार चालक का मोबाइल जब्त कर लिया। पुलिस ने फौरन ही सफेद रंग की दूसरी कार मंगवाई और उसमें पीड़ित परिजनों को बैठाया। बता दें कि कार पुलिस ने ही पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई थी।
नगर कोतवाल अंजान
इस प्रकरण के विवेचक नगर कोतवाल आरके सिंह ने मामले की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। कचहरी परिसर में वीडियो बनाए जाने के बारे में जब उनसे बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बात की जानकारी मुझे आपसे ही हुई है।
किसी व्यक्ति ने डीआईजी मेरठ रेंज लक्ष्मी सिंह को सूचना दी कि गैंगरेप पीड़िताओं को लेकर कोर्ट पहुंचने वाला कार चालक उनकी वीडियो बना रहा है। डीआईजी की सूचना पर कोर्ट पहुंचकर चालक का मोबाइल जब्त कर लिया। इसके बाद पीड़ित परिवार को दूसरी कार से भिजवाया गया। चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। - मान सिंह चौहान-एसपी सिटी