स्याना स्थित नामी कंपनी के मिल्क प्लांट में फूड सेफ्टी अफसरों ने शनिवार को छापेमारी की। प्लांट से मिल्क और मिल्क उत्पादों के 14 नमूने भरे गए। एकाएक कार्रवाई से प्लांट में मौजूद अफसरों में हड़कंप मच गया।
स्याना में कंपनी का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट है। शनिवार को एक अभियान के तहत नोडल अधिकारी फूड सेफ्टी रितु पुनिया, डीओ और चीफ फूड सेफ्टी अफसर मनोज कुमार समेत कई एफएसओ ने प्लांट में रेड डाली। प्लांट में मिल्क प्रोसेसिंग का जायजा लेने के बाद फ्लेवर्ड मिल्क, पाश्चुराइज्ड बटर, घी, पनीर, छाछ, दही, फुल क्रीम मिल्क का नमूना भरा।
प्लांट से लौटते समय अफसरों की नजर प्लांट के पास मिठाइयों पर पड़ गई। नोडल अधिकारी रितु पुनिया ने मिठाई पनीर-जलेबी, काजू बरफी, रबड़ी, खोआ, छेना, मुर्की पेड़ा और केसर पेठा का सैंपल भरवाया। कुल मिलाकर अभियान के तहत दूध और दूध से बने 14 नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं।
अभियान के तहत दुग्ध प्लांट से दूध और दूध से बने 14 नमूनों को सील कर लैब भेजा जा रहा है। - रितु पुनिया, नोडल अधिकारी, फूड सेफ्टी
चटनी और बेसन का भी लिया नमूना
चीफ फूड सेफ्टी अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि एक समोसा विक्रेता की दुकान से चटनी और बेसन का नमूना भी प्रयोगशाला भेजा गया है। बता दें कि इस समोसे और चटनी की क्षेत्र में जबरदस्त डिमांड है। गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिल रही थी।