एडीएम प्रशासन ने शुक्रवार को छह मिलावटखोरों पर 2.50 लाख रुपये जुर्माना ठोक दिया। मिलावटखोरों को जल्द ही जुर्माना राशि जमा कराने के आदेश दिए हैं। स्टेट लैब की जांच में दूध पनीर, गर्म मसाला, मावा, मिल्क केक, और सरसों का तेल मानक पर खरा नहीं उतने पर सिकंदराबाद, स्याना, डिबाई और बुलंदशहर के फूड सेफ्टी अफसरों ने एडीएम प्रशासन की कोर्ट में वाद दायर कराए थे।
एडीएम प्रशासन ने नोटिस भेजकर व्यापारियों से उनका पक्ष जानना चाहा। खासबात यह है कि मिलावटखोरों ने एडीएम को जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा। शुक्रवार को एडीएम प्रशासन ने माना कि मिलावटखारों को अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है।
उन्होंने स्याना के अरेंद्र कुमार पर 25 हजार रुपये, राजेश कुमार निवासी स्याना पर 25000 रुपये, संजय कुमार निवासी स्याना 50 हजार रुपये, आलम निवासी काला आम 50000 रुपये, पिंटू निवासी सिकंदराबाद पर 50 हजार रुपये, हरकेश निवासी डिबाई पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
कुल मिलाकर सभी छह मिलावटखोर कारोबारियों पर एडीएम ने 2.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। बता दें कि आलम का गर्म मसाला, पिंटू का पनीर, हरकेश का दूध, संजय कुमार का सरसों का तेल, राकेश कुमार का मिल्क केक, अरेंद्र कुमार का मावा और हरकेश का दूध का नमूना प्रयोगशाला में अधोमानक पाया गया था।
एडीएम ने मिलावटखोरों को एक माह के भीतर जुर्माने की रकम जमा कराने का आदेश दिया है।