तीन दिन तक बैंक की लाइन में लगने के बाद भी बेटियों की शादी के लिए रुपये नहीं मिलने पर सदमे से पिता को हार्टअटैक आ गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पिता की मौत से शादी के घर में मातम छा गया।
थाना क्षेत्र के गांव बुर्ज रमानी निवासी नसरूद्दीन पुत्र हाकिम ने बताया कि उसके भतीजे जफर (40) पुत्र हसमुद्दीन ने अपनी दो बेटियों का रिश्ता गुलावठी के गांव समकौला में तय किया था। 27 नवंबर को बारात आनी थी।
बताया कि 500-1000 के नोट बंद होने पर जफर ने शादी के लिए रखे 50 हजार रुपये ककोड़ स्थित एक बैंक शाखा में अपने खाते में जमा करा दिए थे। शादी में खर्च के लिए जफर को तीन दिन तक लाइन में लगने के बाद भी पैसे नहीं मिले।
इस संबंध में ग्राम प्रधान गजराज ठाकुर का कहना है कि जफर की दो बेटियों की शादी थी। रुपयों का इंतजाम नहीं होने से वह परेशान था। इसके कारण उसकी हार्टअटैक से मौत हो गई। इस दौरान एसडीएम कन्हई सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि मृतक ने सहायता के लिए आवेदन किया होता तो उसकी मदद की जाती।
नोटिफिकेशन के इंतजार में बाबुल और बिटिया
नोटबंदी के बाद शादी में आने वाली परेशानी को देखते हुए भारत सरकार की तरफ से घोषणा की गई कि जिनके बेटे या बेटी की शादी होगी, वह 2.50 लाख रुपये तक बैंक से निकाल सकते हैं। सरकार की घोषणा को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) का नोटिफिकेशन अभी तक बैंक अफसरों को नहीं मिल सका है।
नोटिफिकेशन नहीं मिल पाने के कारण बैंक अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। जिले के सभी एसडीएम के पास सैकड़ों लोगों की फाइलें लंबित पड़ी हैं, लेकिन नोटिफिकेशन नहीं आ पाने से बैंक अफसर पैसे नहीं दे रहे हैं। जहांगीराबाद के मोहल्ला प्रभुदयाल निवासी श्रीप्रसाद गोयल की बेटी कामिनी की शादी चार दिसंबर को होनी हैं।
इस संबंध में लीड बैंक मैनेजर सतपाल मेहता का कहना है कि आरबीआई की ओर से अभी तक प्रकार का कोई नोटिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ है। नोटिफिकेशन मिलने पर गाइडलाइन तैयार की जाएगी।
सादगी से करें शादी, आशीर्वाद देने पहुंचेंगे अफसर
सिकंदराबाद में नोट बंदी के कारण जहां एक ओर शादियों वाले परिवार भारी संकट से जूझ रहे हैं, वहीं प्रशासन ने इन हालात में सादगी से शादी करने वाले वर-वधू को सम्मानित करने का फैसला लिया है।
एसडीएम कन्हई सिंह ने तहसील सभागार में आयोजित बैठक में कहा कि करेंसी की किल्लत के चलते जो लोग सादगी के साथ शादी संपन्न करेंगे, उनके यहां प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर वर वधू को आर्शिवाद देंगे और परिजनों को सम्मानित करेंगे। प्रशासनिक अधिकारी सादगी से शादी कराने को लगातार प्रयासरत है।