हत्या के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार सिंह की कोर्ट ने एक अभियुक्त को उम्रकैद की सजा सुनाई और 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी सुनाया। इसी मामले में दूसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जुगेंद्रसिंह सेजवार ने बताया कि डिबाई थाने के गांव बिलौना रूप निवासी हरप्रसाद पुत्र रामचरन के पुत्र मनोज का सत्रह मार्च 2014 को गांव में होली मिलने के दौरान अपहरण हो गया था। हरप्रसाद ने डिबाई थाने में उमेश उर्फ बिल्लू, अजय कुमार और वीरेंद्र के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थई।
उमेश उर्फ बिल्लू और अजय को पलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मनोज का शव अजय के बंद पड़े खाली मकान में मिला। आरोपी वीरेंद्र के नाबालिग होने की वजह से उस पर बाल न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। उमेश और अजय के खिलाफ अनूपशहर की एडीजे कोर्ट में सुनवाई हुई।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने अजय कुमार को हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया और उम्रकैद की सजा सुनाई। हत्या के लिए 25 हजार रुपये और साक्ष्य छिपाने के लिये दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने जुर्माने के 25 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में मृतक के उत्तराधिकारी को देने के आदेश भी दिए।