पांच हजार रुपये नहीं देने पर कोतवाली देहात के पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता और उसके भाई को रायफल की बट से बुरी तरह पीटा। आरोप है कि जान से मारने की नीयत से एक सिपाही ने अधिवक्ता पर फायर भी किया। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता की जेब में रखे 11,500 रुपये और दो मोबाइल भी लूट लिए।
मामले में सुनवाई न होने पर गुस्साए अधिवक्ताओं ने सोमवार सुबह कचहरी के गेट पर ताला जड़कर जाम लगा दिया। इस दौरान अधिवक्ताओं की एसपी सिटी के साथ नोकझोंक भी हुई। एसएसपी के जांच और आरोपी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश के बाद अधिवक्ता शांत हुए।
सुशीला विहार द्वितीय निवासी एडवोकेट धर्मेंद्र सिंह ने एसएसपी को तहरीर देकर बताया कि पांच नवंबर रात 9.30 बजे वह अपने भाई हरेंद्र सिंह के साथ भूड़ स्थित पंडित पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल भरवाने गए थे। जहां पंप के कर्मचारी आपस में झगड़ा कर रहे थे।
दोनों भाइयों ने कर्मचारियों को समझाकर मामला शंात करा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों भाइयों से अभद्रता करते हुए पांच हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर जिप्सी में बैठाकर कोतवाली देहात ले जाने लगे।
आरोप है कि कांस्टेबल विकास गिरि, निशांत चिकारा, मोहम्मद अब्बास, पीसीआर जिप्सी चालक, एचसीपी कुंवरपाल सिंह ने रास्ते में मॉल के निकट दोनों को जिप्सी से उतारकर राइफल की बट व डंडों से बुरी तरह पीटा। कांस्टेबल विकास गिरि व निशांत ने उनकी जेब में रखे 11,500 रुपये व दो मोबाइल लूट लिए। साथ ही लाइसेंसी पिस्टल भी लूट ली।
विरोध करने पर कांस्टेबल विकास गिरि ने तमंचा निकालकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। गोलियों की आवाज सुनकर राहगीर आ गए। इसके बाद आरोपी पुलिसकर्मी दोनों भाइयों को कोतवाली देहात ले गए, जहां थानाध्यक्ष अमरेश कुमार सिंह ने भी दोनों को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा आैर बाद में दोनों भाइयों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया।
रविवार को जब एसपी सिटी और एसएसपी से बात की तो दोनों अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह ने यह जानकारी बार के पदाधिकारियों को दी। सोमवार सुबह अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहचरी के गेट पर ताला जड़कर सड़क को जाम कर दिया।
जाम खुलवाने पहुंचे एसपी सिटी मान सिंह चौहान से अधिवक्ताओं की जमकर नोकझोंक हुई। अधिवक्ताओं ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।
कचहरी में पेशी पर आने वाले बंदियों के वाहन को भी पुलिस ऑफिस में एक घंटे इंतजार करना पड़ा। एसपी सिटी के निवेदन पर दोनों बार के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एसएसपी सोनिया सिंह से मिलने उनके दफ्तर में गया। एसएसपी ने एसपी सिटी को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं।
फायरिंग की अफवाह से मचा हड़कंप
अधिवक्ताओं द्वारा जाम लगाए जाने के बाद लोगों में अफवाह फैल गई कि कचहरी में गोली चली है। इस पर मीडिया और काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
वाद कारियों व पीड़ितों को हुई परेशानी
अधिवक्ताओं द्वारा जाम लगाए जाने पर पुलिस ने कलेक्ट्रेट के गेट से रूट डायवर्ट कर दिया। वहीं सिविल बार के गेट से रूट को डायवर्ट कर दिया। बावजूद इसके कचहरी में आने वाले वाद कारियों और पीड़ितों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एसएसपी ने अधिवक्ता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच की जाएगी। जांच कर एसएसपी को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। - मान सिंह चौहान, एसपी सिटी