थाना क्षेत्र के गांव बेलौन में असलहों से लैस आठ बदमाशों ने प्रधान के घर में डेढ़ माह के बच्चे को कब्जे में लेकर डाका डाला। खास बात यह कि चार बदमाश घर के बाहर रखवाली करते रहे जिन्होंने पीड़ितों की चीख-पुकार पर मदद के लिए आए ग्रामीणों को मारपीट कर घायल कर दिया। बदमाश एक लाख की नगदी और सोने-चांदी के जेवरात लूट ले गए।
ग्राम प्रधान ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है। ग्राम प्रधान भगवान सिंह के पुत्र प्रदीप कुमार ने बताया कि वह अपने घर में छत पर पड़ी झोपड़ी में सो रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब डेढ़ बजे आहट होने पर उसने रजाई हटाई तो मौजूद बदमाशों ने उसे लाठी-डंडे और तमंचे की बट से पीटा। बदमाश उसे पकड़कर नीचे लाए।
तब तक उसकी बहन लता व छोटे भाई की पत्नी भगवान देवी जाग गईं थीं। एक बदमाश ने भगवान देवी की गोद से उसका डेढ़ माह का बेटा रोहित छीन लिया। उसका गला पकड़कर जान से मारने की धमकी दी और भगवानदेवी के जेवर उतरवा लिए। दो बदमाशों ने अलमारियों के ताले तोड़ 50 हजार कैश व सोने-चांदी के जेवरात निकाल लिए।
वे कमरे से एक बक्सा भी ले गए जिसमें प्रधान का सामान व 43 हजार कैश था। जाते समय बदमाश डेढ़ माह के रोहित को नीचे पटककर भाग गए। जाते-जाते बदमाश बाहर से कुंडी लगा गए। प्रधान भगवान सिंह ने बताया कि बदमाशों ने पड़ोस में पेड़ के नीचे सो रहे बड़े भाई हरीशंकर पर लाठियां बरसाईं। तब एक बदमाश ने यह कहकर रोक दिया कि ये प्रधान नहीं है इसे छोड़ो।
इसके बाद बदमाश घर से सटे एक अलग कमरे में सो रहे प्रधान को बाहर निकालने के लिए दरवाजा पीटते रहे लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। शोर सुनकर प्रधान के कार्यालय में सो रहा प्रधान का भतीजा आशु पुत्र हरीशंकर दौड़ा तो बदमाशों ने फरसा प्रहार कर उसे घायल कर दिया। बदमाश करीब एक घंटे तक कहर बरपाते रहे।
इस दौरान मोहल्ले में जाग हो जाने पर प्रधान के घर से सटे बड़े भाई लटूरी सिंह के घर की छत से परिजनों ने पथराव किया गया तो बदमाश भाग गए। सूचना पर नरौरा के अलावा रामघाट, डिबाई थाने की पुलिस के अलावा एसपी देहात जगदीश शर्मा एवं सीओ प्रेमप्रकाश यादव ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिजनों से जानकारी ली।
मामले में प्रधान भगवान सिंह ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है। सीओ डिबाई प्रेमप्रकाश यादव ने कहा कि थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच टीम भी लगी हुई है। मामला किसी गिरोह का या फिर रंजिशन हमले का भी हो सकता है।
किसी परिचित का हो सकता है हाथ
परिजनों ने बताया कि घर के बाहर सो रहे प्रधान के बड़े भाई हरीशंकर पर एक बदमाश डंडे बरसा रहा था। तभी बदमाशों में से किसी एक ने कहा कि यह प्रधान नहीं है। इसके बाद हरीशंकर को पीट रहे बदमाश ने पीटना बंद कर दिया। जिससे घटना में किसी परिचित का हाथ होने की आशंका है। बदमाशों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था।