अपर सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा की कोर्ट ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी ठहराते हुए पति को छह वर्ष का कठोर कारावास और दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने यह फैसला मंगलवार को सुनाया। इस मामले में आरोपी ससुर की विवेचना के दौरान मौत हो चुकी है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अनिल कुमार यादव ने बताया कि वादी वेदपाल सिंह पुत्र चिम्मन सिंह निवासी गनेशघाट मुरादाबाद ने 7 मई 2010 को थाना अगौता में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी पुत्री का निशा का विवाह पबसरा निवासी राजेश उर्फ पप्पू पुत्र सेवक राम के साथ हुआ था।
एक मई 2010 को उसे फोन पर सूचना मिली थी कि पति और ससुर ने उसकी पुत्री को जला दिया। जब वह अस्पताल पहुंचे तो तब तक निशा की मौत हो चुकी थी।